गरियाबंद। Gariaband News : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध खनन के घाव एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गए। देवभोग थाना क्षेत्र के धौराकोट गांव में गिट्टी-बोल्डर के अवैध उत्खनन से बनी गहराती खाइयों ने तीन साल के मासूम सचिन नागेश की जान ले ली। शादी के 9 साल बाद जन्मे सचिन के खो जाने से पूरा परिवार गम में डूबा है। घर का इकलौता चिराग बुझ जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Gariaband News : जब सचिन खेलते-खेलते घर से निकल गया। परिजन उसे ढूंढते हुए पास के डोकरेल नाला किनारे पहुंचे, जहां खेत में अवैध खुदाई से बनी खाई में सचिन का शव तैरता मिला। परिजनों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया।
अवैध खनन बना ग्रामीणों के लिए जानलेवा जाल
देवभोग क्षेत्र में पत्थर माफिया लंबे समय से अवैध उत्खनन कर रहे हैं। कदलीमूड़ा, धीगियामूड़ा, मोखागुड़ा, कुम्हड़ाई जैसे कई गांवों में खेत-खार को खोखला कर खाइयां बना दी गई हैं। स्थानीय पेटी कॉन्ट्रैक्टर्स और दलाल, गांव के गरीबों को मामूली पैसों में पत्थर तुड़वा कर खुलेआम खनन माफिया का खेल चला रहे हैं। सरकारी मशीनरी की आंखों के सामने यह अवैध कारोबार न केवल जमीन की सेहत बिगाड़ रहा है, बल्कि अब मासूम जिंदगियों को भी निगलने लगा है।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते इन अवैध खाइयों को भरवाने की कार्रवाई करता, तो आज सचिन जिंदा होता। लोगों ने मांग की है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और खनन से बनी खाइयों को तत्काल पाटा जाए, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।













