ED Raid : बेंगलुरु/गंगटोक। संसद में ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस विधायक के.सी. वीरेंद्र को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। छापेमारी के दौरान ईडी ने उनके ठिकानों से 12 करोड़ रुपये नकद, 6 करोड़ की ज्वेलरी, 10 किलो चांदी, चार लग्जरी गाड़ियां और एक करोड़ की विदेशी मुद्रा बरामद की है।
ED Raid : ईडी की टीम ने देशभर में 31 जगहों पर ताबड़तोड़ छापे मारे, जिनमें कर्नाटक के चित्रदुर्ग और बेंगलुरु से लेकर गोवा, मुंबई, जोधपुर, गंगटोक और हुबली जैसे शहर शामिल रहे। ये कार्रवाई 22 और 23 अगस्त को की गई, जिसमें गोवा के पांच प्रमुख कैसीनो भी जांच के दायरे में आए।
बाथरूम में छुपाया था सोना, पुराने नोट भी मिले
चित्रदुर्ग जिले में विधायक वीरेंद्र के घर की छानबीन के दौरान ईडी को बाथरूम की टाइल्स के पीछे बने एक गुप्त कक्ष में 32 किलो सोने के बिस्किट और आभूषण मिले। साथ ही 90 लाख रुपये की पुरानी करंसी भी जब्त की गई।
गौरतलब है कि ये पहला मौका नहीं है जब वीरेंद्र विवादों में हैं — 2016 में भी जब वे जेडी(एस) के विधायक थे, तब आयकर विभाग ने उनके घर से इसी तरह करोड़ों की नई करंसी पकड़ी थी।
ऑनलाइन सट्टेबाज़ी से काली कमाई, दुबई से ऑपरेशन
जांच में पता चला है कि के.सी. वीरेंद्र और उनका पूरा नेटवर्क King567 और Raja567 जैसी ऑनलाइन सट्टेबाज़ी साइट्स के ज़रिए पैसा कमा रहा था। आरोपी का भाई के.सी. थिप्पेस्वामी दुबई से डायमंड सॉफ्टटेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनियों का संचालन कर रहा था, जो कॉल सेंटर और गेमिंग से जुड़ी हैं।
एक और भाई के.सी. नागराज और उसका बेटा पृथ्वी एन. राज भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। ईडी के मुताबिक, काले धन को सफेद करने के लिए लेयरिंग की जटिल प्रक्रिया अपनाई जा रही थी, जिसमें बैंक खाते, शेल कंपनियां और फर्जी दस्तावेज शामिल हैं।
गंगटोक में गिरफ्तारी, ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु रवाना
सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र हाल ही में गंगटोक में एक लैंड कैसिनो लीज पर लेने की कोशिश कर रहे थे। ईडी ने वहीं उन्हें दबोच लिया। स्थानीय कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब उन्हें बेंगलुरु कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जांच में सामने आए तथ्य चौंकाने वाले: ईडी
ईडी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने देशभर में फैले कसीनों, ऑनलाइन गेमिंग और विदेशी खातों के ज़रिए करोड़ों की अवैध कमाई की है। अब तक 17 बैंक खाते और 2 लॉकर फ्रीज किए जा चुके हैं। एजेंसी का कहना है कि उन्हें कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े रैकेट की ओर इशारा करते हैं।













