Madhya Pradesh Forest: देवास। जिले के सतवास वन परिक्षेत्र में वन विभाग की टीम ने एक पखवाड़े पहले सील किए गए एक व्यापारी के गोदाम को शुक्रवार को दोबारा खुलवाया। यह कार्रवाई स्थानीय पंचों और मीडियाकर्मियों की प्रत्यक्ष मौजूदगी में संपन्न हुई। वन विभाग ने गोदाम के भीतर भंडारित महुआ फूल और अचार गुठली की विधिवत तौल कराकर उसे संबंधित पक्ष को सुपुर्दगी में सौंप दिया है। हालांकि, मौके से बरामद हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित धावड़ा गोंद के मामले में विभाग की कानूनी व विभागीय जांच अभी भी सरगर्मी से जारी है।
सर्च वारंट के बाद हुई थी कार्रवाई प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 12 मई को वन विभाग की टीम ने अदालत से जारी सर्च वारंट के आधार पर स्थानीय व्यवसाई रामभरोष राठौर के निवास और गोदाम पर औचक दबिश दी थी। इस छापामार कार्रवाई के दौरान वन अमले ने करीब 8 क्विंटल प्रतिबंधित धावड़ा गोंद समेत भारी मात्रा में महुआ फूल और अचार गुठली जब्त की थी। कार्रवाई के समय मौके पर वन उपज से जुड़े वैध परिवहन या भंडारण के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया था और व्यापारी को कागजात पेश करने की मोहलत दी थी।
इंदौर से वेरिफिकेशन के बाद खुला गोदाम समयावधि के भीतर व्यापारी द्वारा कुछ दस्तावेज वन विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। इन दस्तावेजों की सत्यता जांचने और वन विभाग इंदौर से आवश्यक इनपुट व सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शुक्रवार को सील बंद गोदाम के ताले खोले गए। इसके बाद वन अमले ने महुआ फूल और अचार गुठली की तौल प्रक्रिया पूरी कर उसे सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि धावड़ा गोंद पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में आता है, इसलिए उस हिस्से पर कानून के दायरे में आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
व्यापारी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच करने और इंदौर कार्यालय से आवश्यक रिपोर्ट मिलने के बाद आज पंचों की उपस्थिति में सील गोदाम को खोला गया है। वैध पाए गए महुआ फूल और अचार गुठली को सुपुर्दगी में दे दिया गया है, जबकि जब्त किए गए 8 क्विंटल प्रतिबंधित धावड़ा गोंद के मामले में हमारी विभागीय जांच और वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी है। — रविकांत जैन, फॉरेस्ट रेंजर, सतवास (देवास)









