MY Hospital: इंदौर। शहर के सबसे बड़े शासकीय महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में शुक्रवार सुबह उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब इमरजेंसी वार्ड के सामने स्थित एक सार्वजनिक बाथरूम के भीतर से करीब तीन महीने के एक अज्ञात नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। अस्पताल परिसर में लावारिस हालत में मासूम का शव मिलने की खबर आग की तरह फैल गई, जिससे वहां मौजूद मरीजों और तीमारदारों में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही एमवाय अस्पताल पुलिस चौकी की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की कड़ाई से तफ्तीश शुरू कर दी है।
शौचालय गए मरीजों ने देखा शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह अस्पताल में इलाज के लिए आए कुछ मरीज और उनके परिजन इमरजेंसी वार्ड के पास बने सार्वजनिक बाथरूम का उपयोग करने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर वहां फर्श पर पड़े एक नवजात शिशु के निष्प्राण शरीर पर पड़ी। बाथरूम के भीतर बच्चे का शव देखकर लोग सहम गए और उन्होंने तुरंत बाहर भागकर वहां तैनात सुरक्षा गार्ड्स को मामले की जानकारी दी। इसके बाद अस्पताल के सफाई कर्मचारियों की मदद से मासूम के शव को सावधानीपूर्वक बाथरूम से बाहर निकाला गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
डॉक्टरों के प्रारंभिक मुआयने और जांच में सामने आया है कि मृत नवजात की उम्र लगभग तीन महीने के आस-पास है। शव मिलने के तुरंत बाद उसे अस्पताल के सीएचएमओ (CHMO) कक्ष में सुरक्षित रखवाया गया, जहां से पुलिस ने पंचनामा और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को मर्च्युरी में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस अस्पताल और आस-पास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया था।
एमवाय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाथरूम में एक नवजात शिशु का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और दोषियों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
— अमरेंद्र सिंह, एडिशनल डीसीपी, इंदौर









