निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने दिन के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। हालांकि मौसम विभाग ने अब राहत भरी खबर दी है। आने वाले तीन दिनों में प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राजनांदगांव और बिलासपुर सबसे गर्म
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राजनांदगांव और बिलासपुर प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल रहे। यहां अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया। रायपुर, दुर्ग और आसपास के इलाकों में भी तेज गर्मी का असर देखने को मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय लू जैसी स्थिति बन रही है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ट्रफ लाइन के असर से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय हुई है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखाई देगा। इसी वजह से अगले कुछ दिनों में कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
कई इलाकों में पहले ही हुई बारिश
सोमवार शाम बिलासपुर और मुंगेली सहित कुछ इलाकों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। अचानक बदले मौसम से लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में ऐसे हालात और जिलों में भी बन सकते हैं।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में रात के समय उमस और गर्मी बनी रह सकती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रायपुर में बादल छाने के आसार
राजधानी रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के दूसरे हिस्से में बादल छाने की संभावना जताई गई है, हालांकि फिलहाल बारिश के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को भी तेज हवाओं और संभावित बारिश को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के उपाय करने को कहा गया है।











