कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत मंगलवार सुबह 142 सीटों पर मतदान शुरू हो गया। इस चरण में कई हाईप्रोफाइल सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भवानीपुर विधानसभा सीट की हो रही है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं।
भवानीपुर में प्रतिष्ठा की लड़ाई
भवानीपुर सीट को इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक रणक्षेत्र माना जा रहा है। यह ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट रही है, लेकिन भाजपा ने यहां सुवेंदु अधिकारी को उतारकर मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है।
सुवेंदु वही नेता हैं जिन्होंने 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था। ऐसे में भवानीपुर की लड़ाई सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है।
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TMC के गढ़ में भाजपा की चुनौती
दूसरे चरण की जिन 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से अधिकांश सीटों पर पिछले दो-तीन चुनावों से तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने इन 142 सीटों में से 123 पर जीत दर्ज की थी।
भाजपा इस बार इन इलाकों में सेंध लगाने की कोशिश में है और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी ने आक्रामक रणनीति अपनाई।
3.2 करोड़ वोटर करेंगे फैसला
इस चरण में कुल 3 करोड़ 21 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की संख्या 5 लाख से ज्यादा है।
चुनाव मैदान में कुल 1448 उम्मीदवार हैं, जिनमें 220 महिला प्रत्याशी शामिल हैं। भांगड़ सीट पर सबसे ज्यादा 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि गोगाट सीट पर सबसे कम 5 उम्मीदवार मैदान में हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। दूसरे चरण के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2321 कंपनियां तैनात की गई हैं।
इसके अलावा 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर भी निगरानी कर रहे हैं। कुल 41 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
4 मई को आएंगे नतीजे
बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। अब दूसरे चरण की वोटिंग के बाद सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम घोषित होंगे और यह साफ हो जाएगा कि बंगाल की सत्ता पर किसका कब्जा होगा।











