छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन तेज, आज पूरे प्रदेश में स्कूल बंद

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 18 अप्रैल को पूरे प्रदेश में सभी निजी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है।

पहले भी जारी था विरोध

इससे पहले 17 अप्रैल को राज्यभर के स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था। 14 अप्रैल को हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।

सरकार को दी गई मांगों की जानकारी

एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री को भी जानकारी दी है। संगठन ने मांग की है कि सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र खर्च का सार्वजनिक आंकड़ा जारी किया जाए, ताकि RTE के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का सही निर्धारण हो सके।
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2011 से लंबित भुगतान का मुद्दा

एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2011 के बाद से प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण नहीं किया गया है, जिसके कारण निजी स्कूलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठन ने इसे तत्काल संशोधित करने की मांग की है।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

एसोसिएशन ने साफ किया है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो असहयोग आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह कदम सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए मजबूरी में उठाया गया है।

RTE प्रवेश को लेकर बड़ा फैसला

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा है कि 1 मार्च से असहयोग आंदोलन जारी है और 4 अप्रैल को निर्णय लिया गया कि RTE के तहत वंचित वर्ग के विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

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