Chhattisgarh Mahtari Statue Controversy : रायपुर। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। अग्रसेन भवन, जवाहर नगर में सर्व अग्रवाल समाज रायपुर की अगुवाई में सर्व समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अनेक समाजों के प्रतिनिधि एकजुट होकर इस कृत्य की कड़ी निंदा की। सभी ने इसे “छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर प्रहार” बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
Chhattisgarh Mahtari Statue Controversy : बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों को शीघ्र दंडित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी हरकत दोहराने की हिम्मत कोई न कर सके। इसी क्रम में सर्व समाज ने 6 नवंबर को सुबह 10 बजे अग्रसेन चौक, समता कॉलोनी में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित करने की घोषणा की है। धरने की शुरुआत भगवान अग्रसेन जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगी, जिसमें प्रदेशभर के समाजजन शामिल होंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अमित बघेल द्वारा महापुरुषों और आराध्य देवताओं के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी समाज की भावनाओं को गहराई से आहत करने वाली है। इसे धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता पर हमला बताया गया। सर्व समाज ने मांग की है कि बघेल के खिलाफ एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) या रासुका के तहत कार्रवाई की जाए।
बैठक में डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. उदयभान सिंह चौहान, सियाराम अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, कैलाश मुरारका, महेश दरयानी, अजय काले, और अमर पारवानी समेत अनेक समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सर्व समाज ने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति और संस्कृति का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा, और अगर शासन-प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।











