Wednesday, September 9, 2026
Home Chhattisgarh Bilaspur छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! शादीशुदा होने की जानकारी में बना संबंध...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! शादीशुदा होने की जानकारी में बना संबंध तो रेप नहीं

Bilaspur high court

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेप और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी महिला को पहले से यह जानकारी हो कि संबंधित पुरुष शादीशुदा है और इसके बावजूद वह उसके साथ संबंध बनाती है, तो ऐसे मामलों में रेप या धोखाधड़ी का मामला स्वतः स्थापित नहीं होता।

हाईकोर्ट का स्पष्ट रुख

न्यायमूर्ति (जस्टिस) संजय एस अग्रवाल की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस केस में महिला के दावों में कई विरोधाभास पाए गए। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
Read more : C.G Crime : दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन, ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़

महिला पहले से थी अवगत

अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, महिला ने अपने प्रारंभिक नोटिस और पुलिस शिकायत में शादी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई थी। साथ ही, उसने यह भी स्वीकार किया था कि वह पहले से जानती थी कि संबंधित व्यक्ति विवाहित है।इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने माना कि संबंध सहमति से स्थापित हुए थे।

क्या था पूरा मामला

यह मामला डोंगरगढ़ क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया था कि महेश नामक व्यक्ति ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और आर्थिक रूप से भी उसे नुकसान पहुंचाया। महिला के अनुसार उसने आरोपी पर लगभग 85 हजार रुपये खर्च किए, लेकिन बाद में आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और उसे घर से निकाल दिया।

आरोपों को किया खारिज

निचली अदालत ने पहले ही महिला के आरोपों को खारिज करते हुए आरोपी को राहत दी थी। इसके बाद महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फैसले को चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ रेप या धोखाधड़ी का मामला नहीं बनता।

कानूनी दृष्टिकोण

इस फैसले ने सहमति, जानकारी और कानूनी जिम्मेदारी के बीच के संबंध को स्पष्ट किया है। अदालत ने संकेत दिया कि मामलों में तथ्यों की सटीकता और बयान की संगति बेहद महत्वपूर्ण होती है।यह निर्णय ऐसे मामलों में न्यायिक दृष्टिकोण को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here