Chhattisgarh Dhaan Khareedi Strike : रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन खरीदी शुरू होने से पहले ही सहकारी समितियों के कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे खरीदी व्यवस्था पर संकट गहराने लगा है।
Chhattisgarh Dhaan Khareedi Strike : सहकारी समिति कर्मचारी एवं ऑपरेटर संघ ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे किसी भी कीमत पर धान खरीदी कार्य में भाग नहीं लेंगे। संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अब आंदोलन से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगें:
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सभी कर्मचारियों को नियमित वेतन और 12 माह का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
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आउटसोर्सिंग से नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को स्थायी किया जाए।
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वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की सूखत राशि समितियों को तत्काल दी जाए।
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सेवा नियम 2018 में संशोधन कर PF, ESI, DA, सीधी भर्ती में प्राथमिकता और शॉर्टेज पर प्रोत्साहन राशि का प्रावधान हो।
प्रशासन में मचा हड़कंप:
धान खरीदी में समितियों और ऑपरेटरों की भूमिका बेहद अहम होती है — तौल, रजिस्ट्रेशन, भुगतान और डेटा एंट्री का पूरा कार्य इन्हीं पर निर्भर करता है। ऐसे में अगर यह वर्ग आंदोलन पर अडिग रहा, तो राज्य के लाखों किसानों को खरीदी केंद्रों पर भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
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सरकार दबाव में:
शासन-प्रशासन के स्तर पर बातचीत के संकेत जरूर हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक समझौता नहीं हो सका है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर सीधा असर पड़ सकता है और यह सरकार के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी।











