Saturday, August 15, 2026
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Dev Diwali 2025 : शुभ मुहूर्त में दीपदान की विधि, जानें कितने दीपक जलाकर पाएं शिव-विष्णु का आशीर्वाद…

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Dev Diwali 2025
Dev Diwali 2025

Dev Diwali 2025 : रायपुर। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को देव दिवाली का महापर्व मनाया जाता है, जिसे देव दीपावली भी कहते हैं। इस साल यह पावन पर्व 05 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक शक्तिशाली दैत्य का संहार किया था। इस विजय की खुशी में सभी देवी-देवताओं ने धरती पर आकर दीप जलाए थे, इसलिए इसे ‘देवताओं की दिवाली’ कहा जाता है।

Dev Diwali 2025 : इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा की जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन के सभी कष्ट कट जाते हैं और सुख-समृद्धि आती है।

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देव दिवाली पर कितने दीपक जलाना शुभ?

देव दिवाली पर भी सामान्य दिवाली की तरह दीपक जलाए जाते हैं और दीपदान किया जाता है। इस दिन घर में शुद्ध घी या सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। दीपकों की संख्या हमेशा विषम रखनी चाहिए। जैसे:

  • 5, 7, 11, 21, 51 या 101 दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है।

इन स्थानों पर दीपदान अवश्य करें:

  • घर की रसोई में।
  • घर के मुख्य द्वार पर।
  • शिव मंदिर में।
  • घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में।
  • तुलसी के पौधे के पास। इन स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।

दीपदान की सही विधि:

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  1. पवित्र स्नान: देव दिवाली के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। यदि संभव हो, तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि यह संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  2. पूजा: शाम के समय, प्रदोष काल में, घर के मंदिर में भगवान शिव और श्री हरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।
  3. दीपक तैयार करना: दीपदान के लिए मिट्टी के दीपकों को तैयार करें। उनमें शुद्ध देसी घी या तिल का तेल भरकर रुई की बाती लगाएं।
  4. दीपदान: तैयार दीपकों को निर्धारित स्थानों पर जलाकर रखें। दीपदान करने के लिए कई लोग इन दीपकों को नदी या सरोवर में प्रवाहित भी करते हैं।
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