बिलासपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल का चुनाव संपन्न हुआ। करीब 6 साल बाद हुए इस चुनाव में पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। मंगलवार को जिला कोर्ट बिलासपुर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल रहा। अधिवक्ता सुबह 10 बजे से ही कतार में लगकर वोट डालने पहुंचे और शाम तक मतदान प्रक्रिया लगातार चलती रही।
इस बार चुनाव में 23 हजार से अधिक मतदाताओं ने 25 सीटों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पूरे प्रदेश में 105 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान केंद्र केवल जिला कोर्ट बिलासपुर परिसर में ही बनाया गया था, जहां से अधिवक्ताओं ने बड़े उत्साह के साथ भागीदारी निभाई।
स्टेट बार काउंसिल के सदस्य और भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने भी वोट डाला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह चुनाव वकालत पेशे की साख और संगठन को मजबूत करने वाला है। वहीं, अधिवक्ता मतदाताओं ने भी मतदान को लेकर अपनी खुशी जताई और बताया कि लंबे समय बाद उन्हें अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अवसर मिला है।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन स्टेट बार को भंग कर दिया गया था। इसके बाद संचालन की जिम्मेदारी पदेन अध्यक्ष महाधिवक्ता और दो अन्य अधिवक्ताओं की समिति को सौंपी गई थी। तब से बार काउंसिल समिति के माध्यम से ही कामकाज संचालित हो रहा था।
इस बार चुनाव को पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने विशेष रूप से एक सुपरवाइजरी कमेटी का गठन किया था। इसके अध्यक्ष रिटायर्ड जज चंद्रभूषण वाजपेयी बनाए गए, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी।
अब सभी की नजर मतगणना और परिणाम पर टिकी है, जिससे तय होगा कि बार काउंसिल की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।













