Wednesday, June 3, 2026
36.7 C
Raipur

CGPSC भर्ती घोटाला: भिलाई में रिटायर्ड IAS जेके ध्रुव के घर छापा, जांच में तेज हुई कार्रवाई

CGPSC Recruitment Scam: CGPSC भर्ती घोटाला मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। बुधवार तड़के भिलाई में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के निवास पर छापेमार कार्रवाई की गई। सुबह करीब 2 बजे अधिकारियों की टीम उनके सेक्टर-10 स्थित घर पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की।कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्रवाई किस जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। किसी भी एजेंसी ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

CGPSC भर्ती घोटाला राज्य सेवा परीक्षा 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप हैं कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं और कुछ प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई।मामले में पेपर लीक, चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी और पदों के दुरुपयोग जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। इसी वजह से यह मामला लंबे समय से सुर्खियों में बना हुआ है।

पूर्व अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में
CGPSC भर्ती घोटाला की जांच के दौरान कई पूर्व अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।जांच में यह भी देखा जा रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया, प्रश्नपत्र प्रबंधन और अंतिम चयन सूची में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं। इसी कड़ी में कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है।
Read more: CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में अचानक करवट ले रहा मौसम! अगले 3 दिन तक कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

चयन सूची पर उठे थे बड़े सवाल
CGPSC भर्ती घोटाला में सबसे ज्यादा विवाद चयन सूची को लेकर हुआ था। आरोप लगाए गए कि अंतिम चयन सूची में शामिल कई उम्मीदवार प्रभावशाली परिवारों से जुड़े हुए थे।इन्हीं आरोपों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच उच्च स्तर पर पहुंची और विभिन्न एजेंसियों ने इसकी पड़ताल शुरू की।

हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
CGPSC भर्ती घोटाला केवल जांच एजेंसियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा। आरोपियों की ओर से राहत के लिए याचिकाएं दायर की गईं, लेकिन अदालत ने जांच को जारी रखने पर जोर दिया।न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई और जांच एजेंसियों को आगे की कार्रवाई जारी रखने की अनुमति मिली।

कोलकाता से रायपुर तक जांच का दायरा
CGPSC भर्ती घोटाला की जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से जुड़ी कुछ प्रक्रियाएं राज्य से बाहर भी संचालित हुई थीं। इसी कारण जांच का दायरा कई शहरों तक फैल गया।जांच एजेंसियां प्रश्नपत्रों की छपाई, उनके परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है।

171 पदों की भर्ती पर उठे सवाल
CGPSC भर्ती घोटाला उस भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक पदों के लिए सैकड़ों उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई थी।बाद में चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे और मामला धीरे-धीरे बड़े विवाद में बदल गया। इसके बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी और कई स्तरों पर जांच शुरू हुई।

आगे क्या हो सकता है?
CGPSC भर्ती घोटाला में लगातार हो रही कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों से जुड़ी जानकारियों को खंगाल रही हैं।रिटायर्ड IAS जेके ध्रुव के घर हुई ताजा कार्रवाई के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिन पर सभी की नजर बनी हुई है।

Share The News

Unable to load videos.

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories