Chhattisgarh Weather Alert: रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुस्त पड़े मानसून ने एक बार फिर करवट ले ली है और पूरे प्रदेश में बादलों ने डेरा जमा लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने आगामी 24 घंटों के भीतर राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की आधिकारिक चेतावनी (Alert) जारी की है।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शनिवार, 18 जुलाई 2026 को सुबह से ही रुक-रुककर बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि लगातार होने वाली इस बारिश से रिहायशी इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से उफनते नदी-नालों और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त अपील की है।
क्यों तेज हुई मानसून की रफ्तार? जानिए वैज्ञानिक कारण
मौसम विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक श्रीमती गायत्रीवाणी कांचीभोटला ने मौसम के इस बदले मिजाज का तकनीकी विश्लेषण करते हुए बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के ऊपर एक मजबूत निम्न दाब का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है।
यद्यपि यह सिस्टम पूर्व की तुलना में आंशिक रूप से कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन इसके प्रभाव से मध्य भारत और विशेषकर संपूर्ण छत्तीसगढ़ में मानसूनी हवाओं की गतिविधि अत्यधिक तीव्र हो गई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश संभागों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और लोगों को तीखी उमस व गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
छत्तीसगढ़ मुख्य मौसम पूर्वानुमान (18-19 जुलाई 2026)
| संभाग / क्षेत्र का नाम | अलर्ट का प्रकार और समयावधि | संभावित मौसमी प्रभाव |
| सरगुजा संभाग (उत्तर CG) | ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) – अगले 4 से 5 दिनों तक प्रभावी | अत्यंत भारी वर्षा, बाढ़ जैसी स्थिति और दृश्यता में कमी। |
| रायपुर व दुर्ग संभाग (मध्य CG) | येलो से ऑरेंज अलर्ट – अगले 24 से 48 घंटे | आकाशीय बिजली (वज्रपात), गरज-चमक और जलभराव। |
| तापमान सूचकांक | 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज | मौसम में ठंडक और उमस से पूर्ण रूप से मुक्ति। |
इन 11 जिलों में विशेष सावधानी और भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग द्वारा जारी सैटेलाइट बुलेटिन के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के निम्नलिखित जिलों में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल संभावना है। इन जिलों के कलेक्टरों को मुस्तैद रहने को कहा गया है:
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)
- सक्ती और कोरबा
- जांजगीर-चांपा
- रायपुर और बलौदाबाजार
- महासमुंद
- दुर्ग और बेमेतरा
- कबीरधाम (कवर्धा)
- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG)
सरगुजा संभाग में अगले 5 दिन आफत की बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर) की तुलना में वर्तमान में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून के लिए परिस्थितियां ज्यादा अनुकूल बनी हुई हैं। विशेष रूप से सरगुजा संभाग के जिलों (अम्बिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर) के लिए मौसम विभाग ने विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 4 से 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला अनवरत जारी रह सकता है।
प्रशासनिक सतर्कता संदेश:
“भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन (SDRF) और स्थानीय नगर निगमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। वज्रपात (Lightning) के समय नागरिकों से पक्के मकानों की शरण लेने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने का आग्रह किया गया है।”
खेती-किसानी के लिए वरदान, शहरी इलाकों के लिए चुनौती
छत्तीसगढ़ में मानसून का यह दोबारा सक्रिय होना जहां राज्य के किसानों के लिए धान की बुआई और खेती के कार्यों के लिहाज से किसी वरदान से कम नहीं है, वहीं दूसरी ओर रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों के ड्रेनेज सिस्टम के लिए यह कड़ी परीक्षा का समय है। यदि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो यातायात और सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकता है।







