Big Relief for Pensioners: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्य प्रदेश कैडर से आए सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के हक में एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सालों से चली आ रही उस कानूनी पेचीदगी को खत्म कर दिया है, जिसके तहत पेंशनरों के महंगाई राहत (DA/DR) में बढ़ोतरी लागू करने के लिए पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश सरकार की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होता था।
प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस बड़े प्रशासनिक सुधार की घोषणा करते हुए बताया कि अब राज्य सरकार की घोषणा के साथ ही बढ़ी हुई महंगाई राहत स्वतः (Automatically) लागू हो जाएगी। इस क्रांतिकारी कदम से छत्तीसगढ़ के करीब 1.5 लाख पेंशनर परिवारों को सीधा और त्वरित वित्तीय लाभ मिलेगा।
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन ने जताया आभार
इस फैसले का छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन ने पुरजोर स्वागत किया है। एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष पी.आर. यादव, महामंत्री उमेश मुदलियार तथा रायपुर के जिलाध्यक्ष पंकज नायक ने संयुक्त बयान जारी कर इसे प्रदेश के लाखों बुजुर्ग पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों के हित में एक सकारात्मक बदलाव बताया है।
गौरतलब है कि संगठन द्वारा इसी महीने दिनांक 7 एवं 8 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों एवं विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर इस विसंगति को दूर करने का विशेष अनुरोध किया गया था।
पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 की बाध्यता खत्म: एक नजर में बदलाव
| पुराना नियम / स्थिति | नया नियम / वर्तमान स्थिति (17 जुलाई 2026 से प्रभावी) | सीधा प्रभाव और लाभ |
| आपसी सहमति की अनिवार्यता | मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के तहत दोनों राज्यों की सहमति जरूरी थी। | अब छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश दोनों राज्य महंगाई राहत जारी करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र हैं। |
| स्वीकृति में होने वाला विलंब | एक राज्य की घोषणा के बाद दूसरे राज्य से फाइल पास होने में महीनों का समय लग जाता था। | वित्त मंत्री ओपी चौधरी के अनुसार, घोषणा होते ही बढ़ा हुआ डीआर स्वतः और समय पर लागू होगा। |
| प्रशासनिक जटिलता | विधान शाखा सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर के बार-बार अनुमोदन की आवश्यकता होती थी। | सचिव तथा अपर मुख्य सचिव स्तर से संयुक्त पत्र जारी कर इस विसंगति को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। |
सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर से आदेश जारी
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पेंशनरों की लंबे समय से चली आ रही इस जायज मांग के तारतम्य में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ शासन के सचिव तथा अपर मुख्य सचिव स्तर से आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।
इस पत्र के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच महंगाई राहत की स्वीकृति हेतु आपसी सहमति की अनिवार्यता को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया गया है। इस विधिक सरलीकरण के बाद भविष्य में दोनों राज्य सरकारें बिना एक-दूसरे की फाइल अटके, अपने-अपने वित्तीय संसाधनों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से आदेश जारी कर सकेंगी।
अब 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत डीआर तत्काल जारी करने की मांग
रास्ते की सबसे बड़ी विधिक बाधा दूर होते ही छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से एक और बड़ा आग्रह किया है। संगठन ने मांग की है कि चूंकि अब आपसी सहमति की बाध्यता पूरी तरह खत्म हो चुकी है, इसलिए बिना किसी प्रशासनिक विलंब के केंद्र सरकार के समान ही राज्य के पेंशनरों के लिए भी 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (DR) का आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया जाना चाहिए। साथ ही, पिछले महीनों का पूरा एरियर (बकाया राशि) भी एकमुश्त प्रदान किया जाए।
पेंशनर्स एसोसिएशन का आधिकारिक संदेश:
“हम उन सभी माननीय सांसदों, विधायकों और जन-प्रतिनिधियों के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारी इस न्यायसंगत मांग को पूरी संवेदनशीलता के साथ मुख्यमंत्री जी तक पहुंचाया। हमें पूर्ण विश्वास है कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और युवा वित्त मंत्री ओपी चौधरी इस विषय पर भी शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और परिवार पेंशनरों को आर्थिक संबल प्रदान करेंगे।”







