Free Medical Education for Bastar Youth: एनएमडीसी बचेली की अनूठी पहल; बस्तर के आदिवासी छात्रों को मिलेगा निःशुल्क मेडिकल टेक्नोलॉजी कोर्स का मौका

VIKASH KHALKHO

Free Medical Education for Bastar Youth: फकरे आलम खान/बचेली / दंतेवाड़ा। देश की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी (NMDC) की बचेली परियोजना के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) विभाग ने बस्तर अंचल के आदिवासी युवाओं के सुनहरे भविष्य के लिए एक अत्यंत सराहनीय और ऐतिहासिक पहल की है। बस्तर क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्र-छात्राओं को चिकित्सा (Healthcare) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए ‘एनएमडीसी स्वास्थ्य कौशल योजना, 2026’ की शुरुआत की गई है।

इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शनिवार, 18 जुलाई 2026 को जावंगा स्थित आस्था विद्या मंदिर में विभिन्न मेडिकल टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एक विशेष लिखित प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन किया गया।

समाचार पत्रों में आई अधिसूचना के बाद उमड़े 428 छात्र

बस्तर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मंच देने के लिए एनएमडीसी, बचेली के सीएसआर विभाग द्वारा 14 जून 2026 को विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों में बकायदा एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी। इसके माध्यम से दंतेवाड़ा और बस्तर जिले के इच्छुक व पात्र छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

दस्तावेजों और पात्रता की बारीकी से जांच करने के बाद कुल 428 योग्य विद्यार्थियों की अंतिम सूची तैयार की गई, जो आज आयोजित हुई इस प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित हुए और चिकित्सा क्षेत्र में उच्च शिक्षा पाने के लिए अपनी किस्मत आजमाई।

एनएमडीसी स्वास्थ्य कौशल योजना 2026: मुख्य विशेषताएं और चयन प्रक्रिया

योजना का नाम / चरण प्रशासनिक व्यवस्था और विवरण छात्र-छात्राओं को मिलने वाले मुख्य लाभ
प्रवेश परीक्षा केंद्र आस्था विद्या मंदिर, जावंगा (दंतेवाड़ा) बस्तर और दंतेवाड़ा जिले के 428 योग्य ST छात्र शामिल हुए।
शैक्षणिक भागीदार अपोलो यूनिवर्सिटी, चित्तूर (आंध्र प्रदेश) विश्वविद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा निष्पक्ष परीक्षा का संचालन।
चयन का आधार विशुद्ध रूप से मेरिट + अंतिम मेडिकल परीक्षण पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता।
आर्थिक स्पॉन्सरशिप 100% खर्च एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा देय निःशुल्क शिक्षा, हॉस्टल (रहना) और भोजन का संपूर्ण खर्च।

आंध्र प्रदेश की अपोलो यूनिवर्सिटी ने संभाली कमान, परीक्षा में पारदर्शिता सर्वोपरि

इस पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और राष्ट्रीय स्तर का बनाए रखने के लिए एनएमडीसी ने एक बेहतरीन रणनीतिक कदम उठाया। परीक्षा के संचालन और मूल्यांकन के लिए आंध्र प्रदेश के चित्तूर में स्थित देश की प्रतिष्ठित अपोलो यूनिवर्सिटी (Apollo University) से विशेष महिला प्राध्यापकों और शिक्षिकाओं की टीम जावंगा पहुंची थी।

उनकी देखरेख में ही प्रश्नपत्रों का वितरण और परीक्षा की निगरानी की गई, जिससे बस्तर के ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चों को भी पूरी तरह से निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।

योग्यता के आधार पर होगा चयन, एनएमडीसी उठाएगा करोड़ों का खर्च

लिखित परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं की एक संयुक्त मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इस सूची में शीर्ष स्थान पाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का अंतिम रूप से एक अनिवार्य मेडिकल टेस्ट (स्वास्थ्य परीक्षण) किया जाएगा। मेडिकल रूप से फिट पाए जाने वाले इन सभी होनहारों को उच्च शिक्षा के लिए अपोलो यूनिवर्सिटी, चित्तूर भेजा जाएगा।

इस योजना की सबसे अनूठी और मानवीय बात यह है कि इन गरीब व मध्यमवर्गीय आदिवासी परिवारों के बच्चों की कॉलेज ट्यूशन फीस, हॉस्टल में रहने का खर्च तथा भोजन का संपूर्ण वित्तीय व्यय एनएमडीसी बचेली प्रबंधन अपने सीएसआर फंड से वहन करेगा। यानी छात्रों और उनके अभिभावकों पर ₹1 का भी आर्थिक बोझ नहीं आएगा।

सीएसआर विभाग का आधिकारिक संदेश:

इस सफल आयोजन के बाद एनएमडीसी प्रबंधन के अधिकारियों ने कहा— “बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और संसाधनों की आवश्यकता होती है। यह योजना बस्तर के वनांचलों से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए योग्य टेक्नीशियन और मेडिकल एक्सपर्ट्स तैयार करेगी। यह पूरी परीक्षा एनएमडीसी के उप-महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सीएसआर के कुशल मार्गदर्शन तथा सीएसआर विभाग के समस्त कर्मठ कर्मचारियों के सक्रिय और रात-दिन के सहयोग से पूरी गरिमा के साथ संपन्न कराई गई है।”

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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