Major Action by EOW/ACB: 172 करोड़ के शराब ओवरटाइम घोटाला मामले में पूर्व CSMCL MD अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार

VIKASH KHALKHO

Major Action by EOW/ACB: रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बेहद बड़ी और कड़क कार्रवाई की है। राज्य में सामने आए बहुचर्चित 172 करोड़ रुपये के शराब ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के पूर्व प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

शनिवार, 18 जुलाई 2026 को गिरफ्तारी की आवश्यक विधिक औपचारिकताओं के बाद उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया। जांच एजेंसी के तर्कों को सुनने के बाद माननीय अदालत ने अरुणपति त्रिपाठी की 2 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है। अब ईओडब्ल्यू और एसीबी की संयुक्त टीम रिमांड अवधि के दौरान इस महाघोटाले के सिंडिकेट और वित्तीय कड़ियों को लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी।

क्या हैं आरोप और किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

जांच एजेंसियों से मिली प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, अरुणपति त्रिपाठी के खिलाफ ईओडब्ल्यू/एसीबी थाना रायपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में धारा 7(बी), 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के साथ-साथ आईपीसी की धारा 467 (मूल्यवान सुरक्षा का कूटकरण), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का असली के रूप में उपयोग) और 120बी (अपराधिक साजिश) के तहत जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

छग शराब ओवरटाइम भुगतान घोटाला: केस प्रोफाइल और सांख्यिकीय विवरण

केस का मुख्य बिंदु विधिक एवं प्रशासनिक जांच का विवरण
मुख्य आरोपी की पहचान अरुणपति त्रिपाठी, पूर्व प्रबंध संचालक (MD), CSMCL
घोटाले की कुल अनुमानित राशि ₹172 करोड़ से अधिक का अवैध व अनियमित भुगतान
प्रभावित समयावधि वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर वर्ष 2023-24 तक
घोटाले का मुख्य तरीका मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, अतिरिक्त कार्य दिवस, बोनस और सर्विस चार्ज में विसंगति
प्रारंभिक साक्ष्य और जब्ती प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 29 नवंबर 2023 को ₹28.80 लाख नकद बरामदगी
न्यायालयीन आदेश 2 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (EOW/ACB को सौंपी गई)

मैनपावर एजेंसियों को रेवड़ियों की तरह बांटी गई राशि

जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा घोटाला CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड) में काम करने वाले कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान, अतिरिक्त कार्य दिवसों की गणना, बोनस वितरण और मनमाने सर्विस चार्ज के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े से संबद्ध है।

आरोप है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच पद पर रहते हुए अरुणपति त्रिपाठी ने स्थापित नियमों और वित्तीय मार्गदर्शिकाओं को ताक पर रखकर चहेती मैनपावर एजेंसियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि का अवैध भुगतान करवाया। फॉरेन ऑडिट और प्रारंभिक वित्तीय समीक्षा में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि इस विशाल राशि का एक बहुत बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कमीशन और किकबैक (रिश्वत) के रूप में एक रसूखदार सिंडिकेट द्वारा डकार लिया गया।

ईडी (ED) की नकद जब्ती से खुला था भ्रष्टाचार का यह पिटारा

इस बड़े मामले की आधिकारिक शुरुआत देश की शीर्ष वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक पूर्ववर्ती कार्रवाई के बाद हुई थी। ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने 29 नवंबर 2023 को छापेमारी की एक कार्रवाई में तीन संदिग्ध व्यक्तियों के पास से 28.80 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की थी।

इस जब्ती के बाद जब कड़ियों को जोड़ा गया तो मनी लॉन्ड्रिंग और शासकीय कोष के गबन के पुख्ता इनपुट मिले। ईडी ने इसके बाद आवश्यक कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ शासन को एक विस्तृत गोपनीय प्रतिवेदन (इनपुट) भेजा था। राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद EOW और ACB ने प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर इस व्यापक वित्तीय धांधली की परतें खोलना शुरू किया।

जांच अधिकारियों का आधिकारिक वक्तव्य:

“आरोपी अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ के लिए 2 दिन की रिमांड मिली है। इस अवधि में हम यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि 172 करोड़ रुपये के इस अवैध भुगतान के पीछे और कौन-कौन से बड़े अधिकारी, नेता या बिचौलिए शामिल थे। कूट रचित (Forged) दस्तावेजों और बैंक खातों के स्टेटमेंट को सामने रखकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ अन्य चेहरों पर भी कानून का शिकंजा कसेगा।”

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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