Tuesday, September 1, 2026
Home National सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद पत्नी का बड़ा अल्टीमेटम-...

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद पत्नी का बड़ा अल्टीमेटम- मेरी सहमति के बिना मेरे पति को कुछ भी खिलाया तो…

Sonam Wangchuk Hospital:  सोनम वांगचुक अस्पताल मामले में शनिवार सुबह बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो का बयान सामने आया, जिसने पूरे मामले को नई चर्चा में ला दिया।

सोनम वांगचुक अस्पताल मामले में गीतांजलि जे अंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उनकी, परिवार और वांगचुक का इलाज देख रहे डॉक्टरों की अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को न तो मुंह से कुछ दिया जाए और न ही नस के जरिए कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 20 दिनों से उनके स्वास्थ्य पर नजर रखने वाले डॉक्टरों की राय को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

‘अस्पताल लाने की जरूरत नहीं थी’
सोनम वांगचुक अस्पताल मामले में गीतांजलि अंग्मो ने दावा किया कि शुक्रवार तक सोनम वांगचुक की स्थिति ठीक थी और उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने अधिकारों का भी उल्लेख किया।

दिल्ली पुलिस ने क्यों पहुंचाया अस्पताल?
सोनम वांगचुक अस्पताल मामले में दिल्ली पुलिस का कहना है कि लगातार 20 दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण वांगचुक की सेहत को देखते हुए उन्हें चिकित्सकीय निगरानी के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के अनुसार यह कदम उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया।
Read more: CAG की रिपोर्ट ने खोली छत्तीसगढ़ की पंचायतों की पोल! 61% पद खाली, ₹3243 करोड़ कम फंड की कमी का दावा

किस मुद्दे पर चल रहा है अनशन?
सोनम वांगचुक अस्पताल मामले की पृष्ठभूमि में नीट पेपर लीक विवाद है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। सोनम वांगचुक इस आंदोलन का समर्थन करते हुए 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे थे। शनिवार को उनके अनशन का 21वां दिन था, जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इसी दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।

वीडियो में बताई थी अपनी हालत
सोनम वांगचुक अस्पताल मामले से पहले शुक्रवार रात वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि अनशन के कारण उनके शरीर का करीब 20 प्रतिशत वजन कम हो गया है और मांसपेशियां भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनका हौसला और मानसिक स्थिति मजबूत है।

 ‘चलो संसद’ मार्च की अपील
सोनम वांगचुक अस्पताल मामले में अस्पताल ले जाए जाने से पहले वांगचुक ने देशवासियों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर जवाबदेही तय हो सकती है, तो शिक्षा व्यवस्था और नीट विवाद जैसे मामलों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि नीट विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की और इस विषय पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

आगे क्या होगा?
सोनम वांगचुक अस्पताल मामले में अब सभी की नजर उनकी मेडिकल जांच और स्वास्थ्य रिपोर्ट पर है। वहीं, पत्नी गीतांजलि अंग्मो के बयान के बाद अस्पताल में आगे की चिकित्सा प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस, अस्पताल और आंदोलन से जुड़े पक्षों की ओर से आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here