Gwalior Chamber: ग्वालियर। ग्वालियर एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव में इस बार बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक उलटफेर देखने को मिला। वर्षों से चली आ रही चुनावी रणनीतियों के बीच सबसे बड़ा बदलाव अध्यक्ष पद पर हुआ, जहां व्हाइट हाउस से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्हाइट हाउस के अधिकृत प्रत्याशी पारस जैन को 617 मतों के बड़े अंतर से हराकर लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।यह जीत न केवल चुनाव का सबसे बड़ा परिणाम रही, बल्कि इसे व्यापारी राजनीति में बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।
रिकॉर्ड 92.43 फीसदी मतदान, व्यापारियों में दिखा जबरदस्त उत्साह
इस बार एमपी चेंबर चुनाव में व्यापारियों ने रिकॉर्ड मतदान किया। कुल 3430 मतदाताओं में से 3189 व्यापारियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे मतदान प्रतिशत 92.43 फीसदी दर्ज किया गया।
चुनाव में 6 प्रमुख पदों के लिए 12 उम्मीदवार, जबकि कार्यकारिणी के 53 पदों के लिए 150 प्रत्याशी मैदान में थे। अध्यक्ष सहित अधिकांश पदों पर व्हाइट हाउस और क्रिएटिव हाउस के बीच सीधा मुकाबला रहा, जबकि संयुक्त अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला।
अध्यक्ष पद पर निर्दलीय की जीत बनी सबसे बड़ी चर्चा
Gwalior Chamber: देर रात घोषित चुनाव परिणामों में व्हाइट हाउस ने तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की, जबकि क्रिएटिव हाउस दो पदों पर सफल रहा। लेकिन सबसे अधिक चर्चा अध्यक्ष पद के परिणाम की रही, जहां निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने दोनों बड़े पैनलों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल कर चुनाव का पूरा समीकरण बदल दिया।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम व्यापारिक संगठन में स्वतंत्र नेतृत्व के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
दीपक अग्रवाल लगातार दूसरी बार बने मानसेवी सचिव
मानसेवी सचिव पद पर व्हाइट हाउस के दीपक अग्रवाल ने क्रिएटिव हाउस के डॉ. राकेश अग्रवाल को 839 मतों से हराकर लगातार दूसरी बार इस पद पर जीत दर्ज की।उन्होंने जीत के बाद कहा कि वे छोटे, मध्यम और बड़े सभी व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सरकार के समक्ष व्यापारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाएंगे।
डॉ. प्रवीण बोले- व्यापारियों ने तानाशाही के खिलाफ फैसला दिया
Gwalior Chamber: जीत के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने इसे पूरे व्यापारी समाज की जीत बताते हुए कहा कि व्यापारियों ने चेंबर में कुछ परिवारों के कथित एकाधिकार और मनमानी के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि अब चेंबर को सभी व्यापारियों की भागीदारी वाला मजबूत संगठन बनाया जाएगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण मतदान
पिछले चुनावों में हुए विवादों को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। मतदाता मतदान करने के बाद ही अपना मोबाइल वापस ले सके। पूरी चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
जीत के बाद जश्न, आतिशबाजी से गूंजा शहर
Gwalior Chamber: देर रात परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों और समर्थकों ने जोरदार जश्न मनाया। आतिशबाजी, मिठाई वितरण और एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।व्यापारिक जगत का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन की कार्यशैली और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।







