Dhar Bhojshala Dispute: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद धार प्रशासन Alert; शुक्रवार की नमाज के लिए अलग स्थान तलाशने की कवायद शुरू

VIKASH KHALKHO

Dhar Bhojshala Dispute: धार। मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और संवेदनशील धार भोजशाला को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) में हुई अहम सुनवाई के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड होते ही धार कलेक्टर ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था और नई गाइडलाइन को लेकर मैराथन समीक्षा बैठक शुरू कर दी है। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि मुस्लिम समाज के लिए भोजशाला परिसर के पास ही एक अलग और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए, जहां हर शुक्रवार को दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक नमाज अदा की जा सकेगी।

एएसआई को कड़े निर्देश: बिना अनुमति नहीं होगा कोई निर्माण

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को भी बेहद कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा है कि न्यायालय की पूर्वानुमति और लिखित आदेश के बिना भोजशाला परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का नया निर्माण, तोड़फोड़ या किसी भी तरह का पुरातात्विक बदलाव नहीं किया जाएगा। इस ऐतिहासिक परिसर की वर्तमान स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। इस पूरे मामले में अब अगली सुनवाई तीन सप्ताह के बाद सुनिश्चित की गई है।

कलेक्टोरेट पहुंचे दोनों पक्ष, सौंपे अपने-अपने ज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश की प्रति सामने आते ही धार में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष और भोज उत्सव समिति दोनों के प्रतिनिधिमंडल तत्काल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी बातें रखीं।

मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद खान ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उनका समाज देश की सर्वोच्च अदालत के इस आदेश का दिल से सम्मान करता है और इसका पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। दूसरी ओर, भोज उत्सव समिति के संयोजक गोपाल शर्मा ने प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर यह मांग की कि शुक्रवार को होने वाली नमाज की पूरी व्यवस्था भोजशाला परिसर की मुख्य बाउंड्री वॉल से बाहर कराई जाए, ताकि इस ऐतिहासिक और धार्मिक परिसर की मूल गरिमा और सुरक्षा बनी रहे।

हाईकोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती:

गौरतलब है कि इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में भोजशाला परिसर के भीतर मुस्लिम पक्ष द्वारा नमाज अदा करने पर रोक लगाने संबंधी निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के इसी निर्णय को चुनौती देते हुए मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब सुप्रीम कोर्ट के नए अंतरिम निर्देशों के बाद पूरे मामले पर प्रशासनिक स्तर पर अमल की प्रक्रिया तेज हो गई है।

निष्कर्ष: आदेश के विस्तृत अध्ययन के बाद लागू होगी नई व्यवस्था

धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने आधिकारिक तौर पर बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का बारीकी से और कानूनी विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। इस समीक्षा के पूरा होने के बाद ही न्यायालय के आदेशों के अक्षरसः पालन के अनुरूप आगामी शुक्रवार के लिए नई प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं तय की जाएंगी। फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं और सभी की नजरें जिला प्रशासन के अंतिम ब्लूप्रिंट पर टिकी हुई हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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