CG NEWS : बिलासपुर : बिलासपुर रेंज में 21 अप्रैल 2026 को NDPS मामलों की विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने किया, जिसमें रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
CG NEWS : कार्यक्रम की शुरुआत में अधिकारियों को यह बताया गया कि NDPS मामलों में अक्सर प्रक्रियात्मक और तकनीकी त्रुटियों के कारण अभियोजन पक्ष कमजोर हो जाता है, जिससे आरोपियों को लाभ मिल जाता है। इन कमियों को दूर करने और विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
CG NEWS : कार्यशाला में सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय ने NDPS एक्ट के तहत जांच की बारीकियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तलाशी और जब्ती के दौरान संबंधित धाराओं का सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी चूक भी केस को कमजोर कर सकती है। साथ ही, जब्त मादक पदार्थों के प्रमाणीकरण, सैंपलिंग और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप करने पर भी बल दिया गया।
CG NEWS : उन्होंने यह भी कहा कि विवेचना केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मादक पदार्थ के स्रोत से लेकर उसके गंतव्य तक की पूरी कड़ी को जोड़ना जरूरी है, ताकि पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जा सके। चार्जशीट दाखिल करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों और अभियोजन शाखा से उसका परीक्षण कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
CG NEWS : कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा कीं और उनके समाधान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन पर माखनलाल पाण्डेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और उम्मीद जताई गई कि इस प्रशिक्षण से NDPS मामलों की विवेचना में गुणवत्ता और सटीकता आएगी।











