निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर स्थित संजय नगर क्षेत्र में रेलवे प्रशासन के एक फैसले ने सैकड़ों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे विस्तार के नाम पर करीब 240 मकानों को हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
250 परिवारों पर बेघर होने का खतरा
इन नोटिसों के चलते करीब 250 परिवारों के सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। वर्षों से यहां बसे लोग अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और रोजमर्रा की जिंदगी पर संकट खड़ा हो गया है।
मुआवजा और पुनर्वास की मांग
रेलवे की इस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे।नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पाटिल, कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर हर्ष सिंह को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में मांग की गई कि यदि मकान हटाए जाते हैं, तो प्रभावित परिवारों को जमीन के बदले जमीन और उचित मुआवजा दिया जाए।
“विकास के खिलाफ नहीं, अन्याय के खिलाफ हैं”
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे।
उनका साफ कहना है कि प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और प्रभावित परिवारों के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
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बड़े आंदोलन की चेतावनी
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो नेपानगर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।इस पूरे मामले ने विकास और विस्थापन के बीच संतुलन को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
क्या विकास के नाम पर लोगों को बेघर करना उचित है?क्या प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ नोटिस देना है या पुनर्वास सुनिश्चित करना भी? अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।











