Blackmail theft : संतोष कुशवाहा/टीकमगढ़। टीकमगढ़ शहर से सामाजिक अवमूल्यन की एक बेहद चिंताजनक और भयावह तस्वीर सामने आई है, जो हमारे समाज की वर्तमान दिशा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह मामला शहर के उच्च प्रतिष्ठित और धनाढ्य परिवारों के नाबालिग बच्चों से जुड़ा है, जिन्हें बदमाश किस्म के नाबालिग बच्चों के एक गिरोह ने सुनियोजित तरीके से फंसाया। इस गिरोह ने पहले दोस्ती की, फिर महंगे शौक लगवाए, और अंततः ब्लैकमेलिंग और चोरी की खतरनाक साजिश को अंजाम दिया, जिससे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर ऐंठे गए।
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यह खतरनाक गिरोह धनाढ्य परिवारों के करीब आधा दर्जन नाबालिग बच्चों को निशाना बनाता था। दोस्ती करने के बाद, उन्होंने इन बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो बना लिए। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू हुआ। बच्चों को लगातार पैसे देने के लिए मजबूर किया गया। ब्लैकमेलर बदमाशों और पीड़ित बच्चों के बीच हुई कुछ चैट भी सामने आई हैं, जिनमें धमकाने और पैसों की मांग करने के प्रमाण हैं। यह चैट स्थानीय बुंदेलखंडी भाषा में है, जो गिरोह के स्थानीय जुड़ाव को दर्शाती है।
Blackmail theft : जब ब्लैकमेलिंग के शिकार बच्चों ने पैसे लाने में असमर्थता जताई, तो ब्लैकमेलिंग करने वालों ने उनसे एक और अधिक जघन्य काम करवाया—उन्हें अपने ही घरों में चोरी करने के लिए मजबूर किया गया। इस दबाव के चलते, बच्चों ने अपने घरों से लाखों रुपयों के सोने-चांदी के जेवर लाकर गिरोह को सौंप दिए। इतना ही नहीं, जो बच्चे पैसे देने में आनाकानी करते थे, उन्हें यह गिरोह एकांत स्थानों पर बुलाकर बेरहमी से मारपीट भी करता था, जैसा कि पीड़ित बच्चों के अभिभावकों, जिनमें मोना जैन, सचिन ठगन, और आर. के. सोनी शामिल हैं, ने आपबीती सुनाई है।
Blackmail theft : इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बच्चों के अभिभावकों की ओर से कोतवाली में ब्लैकमेलिंग और जबरन धनराशि वसूलने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद दो नाबालिगों पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला नाबालिग बच्चों को ब्लैकमेल करके उनसे धनराशि एकत्रित करने का है, जिसे पुलिस ‘उद्यापन’ (Extortion) की श्रेणी में मान रही है और इसी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
Blackmail theft : फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार नाबालिगों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी साजिश में और कितने लोग शामिल हैं और क्या यह गिरोह किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए, बल्कि टीकमगढ़ के सामाजिक ताने-बाने के लिए भी एक बड़ा झटका है, जो अभिभावकों को अपने बच्चों की संगत और ऑनलाइन गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत पर जोर देती है।













