बिहार: मुजफ्फरपुर के हॉस्पिटल में भयंकर आग, 4 की दर्दनाक मौत, 20 से ज्यादा झुलसे

Rahul Goshwami

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल के ICU में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग झुलस गए। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड बुधवार रात करीब 3 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण ICU में आग लगी। इसके बाद वहां लगे एयर कंडीशनर में विस्फोट हुआ, जिससे आग तेजी से पूरे वार्ड में फैल गई।

पांचवीं मंजिल पर था ICU, बचाव में आई मुश्किल
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में सबसे बड़ी चुनौती ICU का पांचवीं मंजिल पर होना था। आग लगने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।दमकल कर्मियों ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर ICU समेत अन्य वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला।

4 लोगों की मौत, कई घायल
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में उदय कुमार (57), शशांक कुमार (30) और गीता देवी की पहचान हो चुकी है। एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। वहीं 20 से ज्यादा लोग झुलसने या धुएं से प्रभावित होने के कारण उपचाराधीन हैं।

93 वर्षीय महिला ने सबसे पहले दी सूचना
इस मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में ICU में भर्ती 93 वर्षीय राधा देवी ने बताया कि उन्होंने वार्ड में धुआं उठते देखा। उन्होंने तुरंत अपना ऑक्सीजन मास्क हटाया और बाहर निकलकर सुरक्षा गार्ड को आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
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स्टाफ पर लगे गंभीर आरोप
हादसे के बाद मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। कई परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारी मरीजों को छोड़कर वहां से चले गए।स्थानीय लोगों ने दावा किया कि वार्ड में मरीज मदद के लिए छटपटा रहे थे, जबकि स्टाफ का अधिकांश हिस्सा मौके पर मौजूद नहीं था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
स्थानीय निवासी धीरज गिरी ने बताया कि चीख-पुकार सुनकर जब वे नीचे पहुंचे तो अस्पताल में धुआं ही धुआं था। लोगों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी।मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के दौरान कई परिजन खुद अपने मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दिए।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में अस्पताल की संभावित लापरवाही की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ परिजनों ने अपने मरीजों के लापता होने की शिकायत भी की है, जिसकी जांच की जा रही है।जिलाधिकारी के अनुसार हादसे के समय ICU में करीब 15 मरीज भर्ती थे और पूरे मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड ने निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।फिलहाल प्रशासन, फायर विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं। वहीं मृतकों के परिजनों और घायलों की मदद के लिए राहत कार्य जारी है।

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