BIG News Pune : महाराष्ट्र के पुणे जिले के दौंड क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब एक मस्जिद में भगवा झंडा फहराया गया। इसके बाद दो समुदायों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाज़ी शुरू हो गई और पुलिस को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
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प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दौंड तहसील के एक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित मस्जिद में कुछ अज्ञात युवकों ने जबरन घुसकर वहां भगवा झंडा लहराने की कोशिश की और मस्जिद परिसर में तोड़फोड़ करने लगे। इस घटना से वहां मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए।
स्थिति तेजी से बिगड़ी और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। तनाव इतना बढ़ा कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दुकानों के शटर गिर गए, लोग घरों में दुबक गए, और स्कूलों में छुट्टी कर दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही दौंड पुलिस थाने से भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। अभी तक पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात पर काबू पा लिया गया है लेकिन इलाके में एहतियात के तौर पर RAF और SRPF की कंपनियां तैनात की गई हैं। पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवा भी कुछ इलाकों में अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी शुरू हो गई है। कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे “सुनियोजित उकसावे की कार्रवाई” बताया है, जबकि कुछ संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुणे पुलिस कमिश्नर ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा है कि “किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी समुदाय से हो।”
सामाजिक संगठनों की अपील
घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय धार्मिक नेताओं ने शांति और सौहार्द की अपील की है। एक मौलाना ने कहा, “मस्जिद में इस तरह की हरकत पूरी तरह निंदनीय है, लेकिन हमें संयम और कानून में विश्वास रखना चाहिए।”
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फिलहाल हालात
फिलहाल दौंड क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस की निगरानी जारी है और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए साइबर सेल को भी अलर्ट पर रखा गया है।











