निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : आम आदमी पार्टी (AAP) में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। इस फैसले के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।” उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ दी है।
AAP नेताओं का पलटवार
चड्ढा के इस बयान पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि “जो डर गया, समझो मर गया” और सभी कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। वहीं, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि चड्ढा पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से बचते रहे हैं।
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CM भगवंत मान का बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी साफ कहा कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाने वालों पर कार्रवाई होती है। उन्होंने बताया कि संसद में हर सांसद को पार्टी के निर्देशों के अनुसार ही मुद्दे उठाने होते हैं, और इससे अलग जाने पर कार्रवाई तय है।
गंभीर मुद्दों से दूरी के आरोप
AAP नेताओं ने चड्ढा पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने हाल के समय में कोई बड़ा जनहित मुद्दा नहीं उठाया। सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह ने कहा कि जब विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट होता है, तब चड्ढा की भूमिका सक्रिय नहीं दिखती।
पार्टी में अनुशासन बनाम असहमति
इस पूरे घटनाक्रम ने AAP के भीतर अनुशासन और असहमति की बहस को फिर से सामने ला दिया है। एक ओर पार्टी नेतृत्व अनुशासन की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर चड्ढा का बयान अंदरूनी असंतोष की ओर इशारा करता है।









