Balod News : बालोद :- छत्तीसगढ़ के समग्र शिक्षा विभाग जिला बालोद अब भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहन निषाद ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि तत्कालीन डीएमसी अनुराग त्रिवेदी ने पिछले पांच सालों में सिर्फ एसी–लैपटॉप ही नहीं, बल्कि विभाग से खरीदे गए सभी सामान को अपने साथ ले जाकर कार्यालय को खाली कर दिया। टेबल, कुर्सी, कंप्यूटर, लैपटॉप, एसी—सबकुछ बिना किसी हैंडओवर के गायब कर दिया गया।डीईओ ने कई बार पत्र लिखकर शासन से मिले लैपटॉप और खरीदी गई एसी को जमा करने के निर्देश दिए, लेकिन तत्कालीन डीएमसी ने किसी भी पत्र का जवाब तक नहीं दिया। यह ढीठ रवैया साफ करता है कि ऊपर तक संरक्षण मिला हुआ है।
Balod News: विभागीय सूत्रों का कहना है कि खरीदी का बिल कार्यालय में मौजूद है, लेकिन सामान गायब है। इतना ही नहीं, बिलों में कीमतें भी बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज की गईं।इस पूरे खेल में कार्यालय का ऑपरेटर जो कलेक्टर दर पर अनियमित कर्मचारी है भी बराबर का भागीदार रहा। बिना एपीसी की अनुमति के नियम विरुद्ध खरीदी की गई और विभाग को खुला चूना लगाया गया।
Balod News: कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला सीधा-सीधा गंभीर आपराधिक अपराध है। इस पर निम्न धाराएं लागू होती हैं धारा 316 (BNNS) सरकारी संपत्ति का गबन धारा 318 (BNNS) धोखाधड़ी और ठगी धारा 336, 337, 338 (BNNS) फर्जी दस्तावेज़/बिल बनाना और उनका उपयोग धारा 61 (BNNS) आपराधिक साजिश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 रिश्वत, गबन और पद का दुरुपयोग सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब केवल जांच बैठाना या पत्राचार करना पर्याप्त नहीं है। तत्कालीन डीएमसी अनुराग त्रिवेदी और ऑपरेटर के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर आपराधिक प्रकरण बनाया जाए। इसके साथ ही पूरे विभाग की ऑडिट जांच होनी चाहिए, जिससे पांच सालों में करोड़ों का गबन पूरी तरह सामने आ सके।
Balod News: अगर कलेक्टर और उच्च अधिकारी इस मामले पर चुप रहते हैं तो यह साफ माना जाएगा कि वे भी इस भ्रष्टाचार के संरक्षक हैं। ऐसे में उन पर भी धारा 13(1)(c)(d) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई बनती है।अब जनता का गुस्सा साफ है—बालोद शिक्षा विभाग को माल डकारने वाला अड्डा नहीं बनने देंगे। यह गंदगी छिपी नहीं रहेगी और जिम्मेदारों को कानून के कटघरे तक घसीटकर ही दम लिया जाएगा।













