Bageshwar Dham Dhirendra Shastri Sehore Visit : सीहोर (17 फरवरी 2026): सीहोर के चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित भव्य रुद्राक्ष महोत्सव में आज उस समय अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री वहां पहुंचे। महोत्सव के आयोजक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बागेश्वर धाम के युवा संत का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों संतों को एक साथ मंच पर देखकर वहां मौजूद लाखों श्रद्धालुओं ने जयकारों से आसमान गुंजा दिया।
“मैं कर्ज चुकाने आया हूँ”
अपने संक्षिप्त लेकिन ओजस्वी संबोधन में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे यहां पंडित प्रदीप मिश्रा का ‘कर्ज’ चुकाने आए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “पंडित प्रदीप मिश्रा जी बागेश्वर धाम आए थे, इसलिए मैं आज कुबेरेश्वर धाम आया हूँ। मैं किसी का कर्ज नहीं रखता।” उन्होंने आगे कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा के भगीरथ प्रयासों की वजह से ही आज देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है और लोग भक्ति मार्ग से जुड़ रहे हैं।
हिंदू राष्ट्र का संकल्प और डबरा रवानगी
मंच से भक्तों को संबोधित करते हुए बाबा बागेश्वर ने एक बार फिर अपना प्रमुख संकल्प दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र बनकर ही रहेगा।” व्यास गादी का पूजन और संतों का आशीर्वाद लेने के बाद धीरेंद्र शास्त्री डबरा के लिए रवाना हो गए। उनके इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि सनातन धर्म के प्रचार में जुटे इन दोनों प्रमुख कथावाचकों के बीच गहरा सामंजस्य और सम्मान है।
भक्तों में जबरदस्त उत्साह
रुद्राक्ष महोत्सव में पहले से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद हैं। बागेश्वर सरकार के आने की सूचना जैसे ही फैली, सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करना पड़ा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंच से धीरेंद्र शास्त्री का आभार व्यक्त किया और इसे सनातन धर्म की एकता का प्रतीक बताया।













