Wednesday, August 19, 2026
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इमरान के लिए आगे आए कपिल-गावस्कर, 14 पूर्व कप्तानों ने लिखी PM शरीफ को चिट्ठी, कोई पूर्व पाकिस्तानी कप्तान नहीं

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की खराब होती सेहत को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।रिपोर्ट्स के बीच दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को संयुक्त पत्र लिखकर उन्हें तत्काल और समुचित चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मानवीय अपील

पूर्व कप्तानों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संबोधित पत्र में इमरान खान की हिरासत की स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई।पत्र में उन्हें क्रिकेट इतिहास के महान ऑलराउंडरों और प्रेरणादायी नेताओं में से एक बताते हुए कहा गया कि उनकी सेहत, खासकर दृष्टि कमजोर होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।दिग्गजों ने सरकार से आग्रह किया कि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज और गरिमापूर्ण हिरासत व्यवस्था दी जाए।

किन दिग्गजों ने किया समर्थन

संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव सहित ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के कई पूर्व कप्तान शामिल हैं।खास बात यह रही कि इस सूची में किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम नहीं है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

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सेहत और हिरासत को लेकर गंभीर आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85% रोशनी प्रभावित हो चुकी है।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जेल में मुलाकात की पर्याप्त अनुमति नहीं मिल रही और बेहद छोटी कोठरी में रखा गया है।इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और विभिन्न मामलों में उन्हें सजा भी सुनाई जा चुकी है।

पाकिस्तानी दिग्गजों की सीमित प्रतिक्रिया

हालांकि वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर बेहतर इलाज की मांग की, लेकिन औपचारिक अंतरराष्ट्रीय पत्र में किसी पाकिस्तानी पूर्व कप्तान की भागीदारी नहीं दिखी।

खेल से ऊपर मानवीय संदेश

पत्र के अंत में पूर्व कप्तानों ने स्पष्ट किया कि यह अपील किसी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और खेल भावना के आधार पर की गई है।उन्होंने लिखा कि क्रिकेट देशों को जोड़ने वाला माध्यम रहा है और प्रतिस्पर्धा मैदान तक सीमित रहती है, सम्मान हमेशा कायम रहता है।इमरान खान की सेहत को लेकर बढ़ती यह वैश्विक चिंता अब राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चाओं का भी हिस्सा बनती जा रही है।

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