Friday, August 21, 2026
Home Chhattisgarh Jagargunda Sukma Development News : अंधेरे से आजादी! जगरगुंडा में डीएमएफ मद...

Jagargunda Sukma Development News : अंधेरे से आजादी! जगरगुंडा में डीएमएफ मद से लगी सोलर लाइट, कलेक्टर अमित कुमार ने बदली तस्वीर

Jagargunda Sukma Development News : कृष्णा नायक सुकमा/सुकमा/जगरगुंडा (17 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुंडा, जो कभी हिंसा और भय के कारण बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट चुका था, आज विकास की मुख्यधारा में मजबूती से लौट आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति से जगरगुंडा में दो दशकों का ‘ब्लैकआउट’ खत्म हो गया है। यहाँ न केवल पहली बार सोलर स्ट्रीट लाइट से गलियां रोशन हुई हैं, बल्कि 22 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद बैंकिंग सेवाओं की भी पुनर्स्थापना हुई है।

सोलर लाइट से थमा 20 सालों का सन्नाटा

वर्ष 2006 के बाद से जगरगुंडा सुरक्षा कारणों से शाम होते ही कटीले तारों के बीच कैद हो जाता था। शाम 6 से सुबह 6 बजे तक आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित थी। लेकिन अब जिला खनिज न्यास (DMF) मद से पूरे क्षेत्र को सोलर स्ट्रीट लाइट से कवर कर दिया गया है। अब यहाँ की रोशन गलियां ग्रामीणों को सुरक्षा और विश्वास का अहसास करा रही हैं।

बैंकिंग सेवा: आर्थिक सशक्तिकरण का नया दौर

जगरगुंडा के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बैंकिंग सेवा की वापसी है। वर्ष 2003 में ग्रामीण बैंक में हुई लूट के बाद यहाँ वित्तीय सेवाएं बंद कर दी गई थीं। अब मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खुलने से ग्रामीणों को अपने ही गाँव में लेन-देन की सुविधा मिल रही है। अब किसानों और मजदूरों को अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने या निकालने के लिए मीलों दूर भटकना नहीं पड़ेगा।

करोड़ों के विकास कार्यों से बदलेगी सूरत

कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि जगरगुंडा में केवल बुनियादी सुविधाएं ही नहीं, बल्कि भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू हो गया है:

  • बस स्टैंड: 1.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण।

  • हाईटेक नर्सरी: 1.50 करोड़ की लागत से रोजगार के नए अवसर।

  • स्वास्थ्य सेवा: सीएचसी जगरगुंडा का कार्य अंतिम चरण में, मई 2026 तक होगा समर्पित।

  • प्रशासनिक भवन: तहसील और वन विभाग रेंज कार्यालय का निर्माण भी गति पर है।

प्रशासन और जनता का समन्वय

जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर और स्थानीय सरपंच सुश्री नित्या कोसमा के समन्वय से जगरगुंडा अब ‘भय’ के साये से बाहर निकलकर ‘सशक्तीकरण’ की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मई 2026 तक जगरगुंडा को सुकमा जिले के एक मॉडल विकास केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here