रायपुर : अमित बघेल पर आपत्तिजनक बयान और सामाजिक विवाद को भड़काने के आरोप में कई FIR दर्ज हैं। 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के बाद उन्होंने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद सिंधी समाज और अग्रवाल समाज ने प्रदेशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, अग्रिम जमानत भी हुई खारिज
26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सख्त टिप्पणी करते हुए खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था—“अपनी जुबान पर लगाम रखें। जहां-जहां FIR है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें। किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा सकती।”
इसके साथ ही कोर्ट ने FIR क्लबिंग की मांग पर भी सुनवाई से इनकार कर दिया और साफ कहा कि देशभर में दर्ज मामलों में उन्हें संबंधित पुलिस का सामना करना होगा।
12 राज्यों में दर्ज हैं मामले, पुलिस हाई अलर्ट पर
अमित बघेल पर देश के 12 राज्यों में कई FIR दर्ज हैं। पुलिस ने उनके सरेंडर से पहले ही कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी थी। भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई।
मां के निधन के बाद बढ़ा दबाव
दरअसल आज शुक्रवार सुबह अमित बघेल की मां का निधन हो गया। परिवार ने उनके शव को पैतृक गांव पथरी ले जाया है। सूत्रों के अनुसार, बघेल अब अस्थायी बेल के लिए आवेदन कर सकते हैं ताकि वे अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।सरेंडर के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और अब रिमांड प्रक्रिया शुरू की जाएगी।









