Jabalpur Building Collapse Accident: जबलपुर: मध्य प्रदेश की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक हृदय स्थल ‘बड़े फुहारा’ इलाके में सोमवार को एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। यहां स्थित एक पुरानी तीन मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गई। यह पूरी गगनचुंबी बिल्डिंग महज चंद सेकंड के भीतर मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इमारत के गिरने से हुए तेज धमाके और कड़कड़ाहट की आवाज सुनकर आसपास के सैकड़ों दुकानदार, ग्राहक और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगे, जिससे पूरे मुख्य बाजार में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
हादसे के बाद छाया धूल का गुबार, व्यस्त बाजार होने से टली बड़ी अनहोनी
‘Jabalpur Building Collapse Accident’ के प्रत्यक्षदर्शियों से मिली आंखों देखी जानकारी के अनुसार, यह हादसा इतना अप्रत्याशित और अचानक हुआ कि किसी भी व्यक्ति को संभलने या सोचने-समझने का मौका तक नहीं मिला। जैसे ही विशालकाय तीन मंजिला ढांचा नीचे गिरा, पूरे बड़े फुहारा चौक और आसपास की तंग गलियों में धूल का एक बेहद घना और काला गुबार छा गया, जिससे कई मिनटों तक दृश्यता शून्य हो गई। चूंकि बड़ा फुहारा जबलपुर का सबसे मुख्य और डेंस कमर्शियल हब है, इसलिए घटना के समय वहां हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। इमारत के गिरते ही लोग दुकानों को खुला छोड़कर भागने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन की टीम और नगर निगम के राहत दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, दहशत में दिखे लोग
इस भीषण हादसे के कई रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। सीसीटीवी (CCTV) और मोबाइल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक हंसता-खेलता व्यस्त बाजार अचानक मलबे, उड़ती धूल और चीखते-चिल्लाते भागते लोगों के साय में तब्दील हो गया। मलबे के विशाल ढेर को देखने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एम्बुलेंस और क्रेन की मदद से तुरंत राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू करवा दिया है।
जर्जर और पुराने व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस ‘Jabalpur Building Collapse Accident’ ने एक बार फिर जबलपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर के पुराने और घने बाजारों में ऐसी सैकड़ों इमारतें हैं जो पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और नोटिस दिए जाने के बावजूद धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मानसून से पहले इन कमजोर ढांचों का ऑडिट न करना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। वर्तमान में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस इमारत के अचानक जमींदोज होने के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है और मलबे को पूरी तरह साफ करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।







