Saturday, August 22, 2026
Home Madhya Pradesh Road Safety Issue News: देवसर में बड़ा हादसा टला! जर्जर सड़क के...

Road Safety Issue News: देवसर में बड़ा हादसा टला! जर्जर सड़क के कारण नदी में गिरने से बाल-बाल बची स्कूल बस, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Road Safety Issue News: सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र से एक बेहद डरा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी है। मंगलवार को क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सुपेला से अकौरी गांव की ओर बच्चों को लेने जा रही एक निजी स्कूल की बस सुपेला नदी के समीप जर्जर सड़क पर अचानक अनियंत्रित हो गई और नदी की ओर खाई में लटक गई। इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि हादसा उस समय हुआ जब बस बच्चों को लेने जा रही थी और उसमें कोई भी छात्र सवार नहीं था, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी।

बारिश के बाद और खतरनाक हुई बदहाल सड़क

‘Road Safety Issue News’ के तहत ग्राउंड ज़ीरो से मिली जानकारी के अनुसार, सुपेला नदी के पास की यह मुख्य सड़क पिछले लंबे समय से बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। हाल ही में हुई मानसूनी बारिश के कारण सड़क की मिट्टी बह गई और वहां की स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई। मंगलवार सुबह जब बस इस मार्ग से गुजर रही थी, तभी जर्जर और धंसती सड़क के कारण वाहन का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। बस अनियंत्रित होकर सीधे नदी की ढलान की ओर फिसलने लगी। बस को हवा में लटकता देख आसपास के खेतों में काम कर रहे स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल एक जेसीबी (JCB) मशीन का इंतजाम किया और कड़ी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रशासनिक उदासीनता पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

इस भयानक वाकये के बाद पूरे देवसर क्षेत्र के ग्रामीणों में जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि इस जर्जर मार्ग की बदहाली को लेकर कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। इसी बदहाल मार्ग से रोजाना दर्जनों स्कूली बसें, ऑटो और सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। हर समय यहां किसी न किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

स्थानीय निवासियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक और स्थानीय निवासी अनिल पाठक ने इस बुनियादी मुद्दे पर प्रशासन को घेरते हुए कहा कि क्षेत्रवासी पिछले कई सालों से इस सड़क के नव-निर्माण और तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—

“जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज मासूम बच्चों की जान दांव पर लग गई थी। यदि शीघ्र ही इस जर्जर सड़क की मुकम्मल मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी गंभीर दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। छात्र सुरक्षा और जनहित में हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”

इस पूरी घटना ने एक बार फिर सिंगरौली जिले के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे और आधारभूत सुविधाओं के खस्ताहाल होने की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद प्रशासन नींद से जागता है या नहीं।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here