नई दिल्ली [Nishanebaaz News]। त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। पहले से ही चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान जनता के लिए अब सब्जियों की टोकरी में प्याज के दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। देश के कई हिस्सों में महज कुछ ही दिनों के भीतर प्याज की खुदरा कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
वर्तमान में देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 40.72 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख शहरों में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है।
प्रमुख शहरों में प्याज के खुदरा रेट (प्रति किलोग्राम)
| शहर | प्याज की खुदरा कीमत (₹/किलो) |
| कोलकाता | ₹55 – ₹60 |
| मुंबई | ₹52 – ₹58 |
| पटना | ₹48 – ₹55 |
| दिल्ली-NCR | ₹50 – ₹55 |
| चेन्नई | ₹48 – ₹54 |
| बेंगलुरु | ₹45 – ₹52 |
स्रोत: स्थानीय खुदरा बाजार व न्यूज रिपोर्ट समीक्षा
थोक मंडियों का हाल: लासलगांव में 1 हफ्ते में 42% तक उछाल
एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी, महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी (नाशिक) में बीते एक सप्ताह के दौरान थोक भाव में 30% से 42% तक की तेजी आई है।
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लासलगांव में प्याज का थोक भाव बढ़कर 3,195 रुपये से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 32 से 36 रुपये प्रति किलो) तक पहुंच चुका है।
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दिल्ली की प्रसिद्ध आजादपुर मंडी में भी प्रीमियम क्वालिटी प्याज का थोक भाव 45 से 50 रुपये प्रति किलो के पार चल रहा है।
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सालाना अंतर: पिछले साल (अगस्त 2025) की तुलना में जब औसत खुदरा भाव 28.72 रुपये प्रति किलो था, इस बार प्याज की कीमतों में 42% से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
क्यों अचानक बढ़ रहे हैं प्याज के दाम?
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खरीफ फसल की बुआई में देरी: इस साल मानसूनी बारिश के पैटर्न में बदलाव के कारण खरीफ (Monsoon) प्याज की बुआई में देरी हुई, जिससे नई फसल की आवक में विलंब हो रहा है।
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त्योहारी मांग में इजाफा: रक्षाबंधन के बाद आने वाले गणेश चतुर्थी और नवरात्रि जैसे त्योहारों को देखते हुए बाजार में प्याज की मांग अचानक बढ़ गई है।
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सप्लाई चैन में अंतर: पुरानी (रबी) फसल का स्टॉक कम होना और नई आवक न पहुंचने से सप्लाई और डिमांड के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
राहत की तैयारी: सितंबर से बफर स्टॉक उतारेगी सरकार
उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने रणनीतिक कदम उठाने की योजना बनाई है। खबरों के अनुसार, सरकार सितंबर महीने से अपने सुरक्षित बफर स्टॉक (Buffer Stock) से प्याज को बाजार और थोक मंडियों में उतारने जा रही है, ताकि कीमतों में जारी इस तेजी को नियंत्रित किया जा सके।





