[Nishaanebaz News] Indore Mid-Day Meal: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। सांवेर क्षेत्र के ग्राम सिंहाना स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को बच्चों को मिड-डे मील के तहत कढ़ी-चावल परोसा गया था। भोजन करने के कुछ समय बाद बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत शुरू कर दी।
एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में अफरा-तफरी मच गई। कुल 38 बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई है। बच्चों को इलाज के लिए इंदौर के अरविंद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 23 बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें से चार बच्चों को विशेष निगरानी के लिए ICU में रखा गया है।
दोपहर में परोसे गए थे कढ़ी-चावल
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल के बच्चों को मिड-डे मील के तहत कढ़ी-चावल दिया गया था। खाना खाने के कुछ देर बाद कुछ बच्चों ने पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की।धीरे-धीरे अन्य बच्चों की भी तबीयत खराब होने लगी। स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तत्काल अभिभावकों को सूचना दी और बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
फूड पॉइजनिंग की आशंका, रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब मिड-डे मील के भोजन की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। भोजन के नमूने लेकर जांच कराई जा सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
23 बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी
अरविंद अस्पताल में भर्ती बच्चों का डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।बच्चों को करीब 6 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखने की बात कही गई है। चार बच्चों को एहतियात के तौर पर ICU में रखा गया है, जहां उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि एक बच्ची को पहले से तीन दिन से बुखार भी था।
भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद मिड-डे मील की गुणवत्ता और भोजन वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासनिक टीम यह पता लगाने में जुटी है कि भोजन कहां तैयार किया गया था और स्कूल तक पहुंचने के बाद उसे किस तरह बच्चों को परोसा गया।साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि भोजन तैयार करने और वितरण के दौरान गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन हुआ था या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पताल पहुंचे बच्चों के परिजन
बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए। कई अभिभावक बच्चों की हालत को लेकर चिंतित नजर आए। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखे हुए है।प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। फिलहाल बच्चों का उपचार जारी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जून में भी सामने आया था ऐसा मामला
इंदौर में स्कूल के भोजन की गुणवत्ता को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। जून 2026 में शिशुकुंज स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था।उस समय प्रशासन ने स्कूल की रसोई को सील कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने की बात भी सामने आई थी। अब सांवेर क्षेत्र में बच्चों के बीमार होने की इस नई घटना के बाद मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत आखिर किस कारण बिगड़ी।





