[Nishaanebaz News] Rewa News: रीवा। लगातार हो रही बारिश ने रीवा जिले के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को मुश्किल में डाल दिया है। नदी-नालों के उफान पर आने से कई गांवों और बस्तियों का संपर्क प्रभावित हो गया है। इसी बीच त्यौंथर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 से सामने आया एक वीडियो ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत दिखा रहा है। यहां एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। एंबुलेंस के गांव तक नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाया और जान जोखिम में डालकर उफनते पानी के बीच रास्ता पार कराया।
एंबुलेंस नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने उठाया जिम्मा
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण वार्ड क्रमांक 12 के आसपास नदी और नाले उफान पर हैं। रास्ते में पानी भर जाने के कारण सामान्य आवागमन भी प्रभावित हो गया है। इसी दौरान गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी।परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस से संपर्क किया, लेकिन पानी और खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। महिला की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने इंतजार करने के बजाय खुद उसे अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया।
खाट बनी एंबुलेंस, पानी के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू
ग्रामीणों ने एक खाट की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उस पर सुरक्षित लिटाया। इसके बाद कई ग्रामीणों ने खाट को अपने कंधों पर उठाया और पानी से भरे रास्ते पर आगे बढ़े।रास्ते में नदी-नाले का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा था। ऐसे में ग्रामीणों ने बेहद सावधानी के साथ कदम आगे बढ़ाए। कुछ ग्रामीण आगे चलकर पानी की स्थिति का जायजा लेते रहे, जबकि अन्य लोग खाट को संभालकर महिला को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाते रहे।
जान जोखिम में डालकर पार कराया उफनता पानी
गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खुद भी जोखिम उठाना पड़ा। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद उन्होंने महिला को किसी तरह सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया।इस दौरान मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो में कई ग्रामीण खाट को उठाकर पानी के बीच से गुजरते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रीवा में बारिश का कहर उफनते नदी-नाले के बीच गर्भवती को खाट पर ले गए ग्रामीण, एंबुलेंस नहीं पहुंची #Rewa #RewaFlood #PregnantWoman #FloodRescue #AmbulanceService #Tyaunther #HeavyRain pic.twitter.com/HCDX4TWTYu
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 22, 2026
घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
बारिश के मौसम में सामने आई इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्भवती महिला जैसी आपात स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी होता है, लेकिन सड़क संपर्क बाधित होने पर ग्रामीणों को खुद ही व्यवस्था करनी पड़ी।सबसे बड़ा सवाल यह है कि बारिश के दौरान जब नदी-नाले उफान पर होते हैं और सामान्य रास्ते बंद हो जाते हैं, तब ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद है।
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ग्रामीणों की सूझबूझ और एकजुटता की चर्चा
मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद ग्रामीणों ने महिला को अकेला नहीं छोड़ा और सामूहिक प्रयास से उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। ग्रामीणों की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है।
हालांकि, यह घटना केवल ग्रामीणों की तत्परता की कहानी नहीं है, बल्कि बारिश के दौरान सामने आने वाली बुनियादी समस्याओं की ओर भी ध्यान खींचती है। वार्ड क्रमांक 12 में संपर्क मार्ग और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं अब चर्चा में हैं।बारिश के बीच गर्भवती महिला को खाट पर ले जाने की तस्वीर ने यह साफ कर दिया कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में ग्रामीणों को आज भी कई बार बुनियादी सुविधाओं के अभाव में खुद ही रास्ता निकालना पड़ता है।





