Prayagraj Rape Murder Case : प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने एक 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी निर्मम हत्या के दोषी मुकेश पटेल को सजा-ए-मौत सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के दौरान न्यायाधीश ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अपराध अत्यंत जघन्य है और इसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। कोर्ट ने माना कि दोषी के व्यवहार में सुधार की संभावना शून्य है, इसलिए वह केवल मृत्युदंड का पात्र है।
यह मामला 3 अक्टूबर 2024 का है, जब सोरांव थाना क्षेत्र की रहने वाली मासूम बच्ची शिवगढ़ चौराहे के पास दुर्गा पूजा पंडाल गई थी। शाम को घर लौटते समय वह लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद अगले दिन धान के खेत में बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बच्ची के साथ न केवल दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसकी हत्या से पहले उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं। बच्ची के दांत और हाथ-पैर टूटे हुए थे और शरीर पर चोट के गंभीर निशान थे।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज इस मामले में निर्णायक साबित हुए। फुटेज में मुकेश पटेल को बच्ची को साइकिल पर ले जाते हुए देखा गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से मासूम के चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए थे ताकि उसे पहचाना न जा सके। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 16 अक्टूबर को आरोपी को गिरफ्तार किया था और मामले की गहन पैरवी की।
लोक अभियोजक विनय कुमार त्रिपाठी की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में माना। कोर्ट ने कहा कि मासूम के साथ हुई यह बर्बरता दर्शाती है कि समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है, वहीं कानूनी जानकारों ने इसे महिला और बाल सुरक्षा की दिशा में एक कड़ा संदेश बताया है।











