Interstate Ganja Smuggling Odisha : रायपुर। रायपुर पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। ‘पुलिस कमिश्नरेट’ बनने के बाद आईजी संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में चलाए गए एक मेगा ऑपरेशन के तहत, पुलिस की 50 सदस्यीय टीम ने ओडिशा के 5 जिलों में एक साथ दबिश देकर 9 अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस कार्रवाई से देश के 9 राज्यों में फैला तस्करी का एक मजबूत सिंडिकेट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
सर्जिकल स्ट्राइक: 5 जिलों में एक साथ छापा
एसीसीयू (ACCU), एएनटीएफ (ANTF) और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम ने प्राइम साप डॉ. नरेश पटेल के नेतृत्व में इस मिशन को अंजाम दिया।
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ऑपरेशन का समय: लगातार 48 घंटे से अधिक तक चली सघन घेराबंदी।
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दबिश के केंद्र: ओडिशा के बरगढ़, बलांगीर, टिटलागढ़, कंधमाल और बौध जिलों में एक साथ छापेमारी की गई।
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नेटवर्क का अंत: इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और पंजाब तक होने वाली गांजा सप्लाई चेन टूट गई है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने कुल 6 अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 8 ओडिशा के और 1 महाराष्ट्र का निवासी है:
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परमानंद रावण (22) – बरगढ़, ओडिशा
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पिंटू प्रधान (26) – बरगढ़, ओडिशा
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चंद्रशेखर पटवा (27) – कल्याण पूर्व, महाराष्ट्र
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घनश्याम गढ़ातिया (54) – बरगढ़, ओडिशा
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जगबंधु सुनानी उर्फ जतिन (30) – कालाहाण्डी, ओडिशा
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प्रमोद महानंद (25) – बलांगीर, ओडिशा
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भागवत साहू (34) – टिटलागढ़, ओडिशा
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रंजीत डिगल (28) – कंधमाल, ओडिशा
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लक्ष्मीधर बेहरा (38) – बौध, ओडिशा
आंकड़ों में रायपुर पुलिस की सफलता
हाल ही में एसीपी ईशु अग्रवाल (IPS) द्वारा पंजाब के 4 चिट्टा तस्करों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का मनोबल काफी ऊंचा है। अब तक की कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड कुछ इस प्रकार है:
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कुल गिरफ्तारियां: 107 नशे के सौदागर (NDPS के 62 प्रकरणों में)।
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जप्ती: लगभग ढाई करोड़ रुपये की मशरूका।
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अंतर्राज्यीय कनेक्शन: गिरफ्तार 107 में से 36 आरोपी बाहरी राज्यों के हैं (UP-8, पंजाब-4, ओडिशा-12, महाराष्ट्र-5 आदि)।
भविष्य की रणनीति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। ‘एंड टू एंड’ विवेचना के जरिए उन सफेदपोश लोगों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है जो पर्दे के पीछे से इस काले कारोबार को फंडिंग दे रहे हैं। हाईवे और सीमाओं पर निगरानी और सख्त कर दी गई है।











