Sunday, October 4, 2026
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Mahadev Betting App ED Action : महादेव ऐप केस: सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की संपत्ति अटैच; दुबई के विला से बुर्ज खलीफा तक ED का कब्जा

Mahadev Betting App ED Action : रायपुर/दुबई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के अंतरराष्ट्रीय साम्राज्य पर ज़बरदस्त प्रहार किया है। रायपुर जोनल कार्यालय द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत, भारत और दुबई में स्थित लगभग 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Attach) कर लिया गया है। इस जब्ती में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में स्थित अपार्टमेंट भी शामिल हैं, जिन्हें सट्टेबाजी की काली कमाई से खरीदा गया था।

दुबई के पॉश इलाकों में फैला था साम्राज्य

ED की जांच में खुलासा हुआ है कि सट्टे के पैसे को सफेद करने के लिए दुबई के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित इलाकों में निवेश किया गया था। जब्त की गई 18 विदेशी संपत्तियों में शामिल हैं:

  • बुर्ज खलीफा (Burj Khalifa): प्रतिष्ठित इमारत में स्थित हाई-एंड अपार्टमेंट।

  • दुबई हिल्स एस्टेट: हिल्स व्यू, फेयरवे रेजिडेंसी और सिदरा में स्थित बेहद महंगे लक्जरी विला।

  • बिजनेस बे और SLS होटल: यहां स्थित कई प्रीमियम रेजिडेंस।

  • भारत में निवेश: नई दिल्ली में स्थित 2 अचल संपत्तियां भी इस जब्ती का हिस्सा हैं।

कैसे चलता था सट्टे का ‘सिंडिकेट’?

महादेव ऑनलाइन बुक कोई साधारण ऐप नहीं, बल्कि एक विशाल अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट था:

  1. फ्रैंचाइज़ी मॉडल: यह Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे कई डोमेन के जरिए चलता था। भारत भर में इसके ‘पैनल’ या ‘शाखाएं’ थीं।

  2. मुनाफे का गणित: प्रमोटर (सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल) कुल मुनाफे का 70-75% हिस्सा अपने पास रखते थे, जबकि बाकी पैनल ऑपरेटरों को दिया जाता था।

  3. म्यूल अकाउंट्स: हजारों अनजान लोगों के KYC दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी बैंक खाते खोले गए, जिनमें सट्टे का पैसा घुमाया गया।

  4. हवाला और क्रिप्टो: अवैध कमाई को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भारत से बाहर भेजा गया और फिर विदेशी संपत्तियों में निवेश किया गया।

ED की अब तक की कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड

विवरण आंकड़े
कुल जब्ती (अब तक) लगभग 4336 करोड़ रुपये
कुल छापेमारी देशभर में 175 से ज्यादा स्थान
गिरफ्तारियां 13 व्यक्ति
कुल आरोपी (चार्जशीट में) 74 व्यक्ति
भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल के खिलाफ

अगला कदम: भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की तैयारी

ED ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत में इन मुख्य प्रमोटरों को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018’ के तहत घोषित करने के लिए आवेदन दायर किया है। इससे सरकार को इनकी वैश्विक संपत्तियों को पूरी तरह अधिग्रहित करने में आसानी होगी। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुई यह जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपियों के गले की फांस बन गई है।

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