Rewa Petrol Diesel Crisis : रीवा (विकास बघेल)। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध की आहट अब विंध्य के हृदय स्थल रीवा तक पहुँच गई है। सोशल मीडिया पर ईंधन संकट की अफवाहों और वैश्विक परिस्थितियों के चलते रीवा शहर में बुधवार को पेट्रोल-डीजल के लिए जबरदस्त अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। स्थिति यह रही कि शहर के लगभग 80 फीसदी पेट्रोल पंप ‘ड्राई’ हो गए, जिसके चलते गिने-चुने खुले पंपों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें नजर आईं।
अफवाहों का असर: 200 की जगह ‘फुल टैंक’ की जिद
सामान्य दिनों में दोपहिया वाहनों में 100-200 रुपये और चार पहिया वाहनों में हजार-दो हजार का ईंधन डलवाने वाले लोग अब सीधे टैंक फुल कराने में जुटे हैं। इस अचानक बढ़ी मांग (पैनिक बाइंग) के कारण:
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स्टॉक खत्म: पेट्रोल पंपों पर रहने वाला सामान्यतः 2 दिन का ‘बफर स्टॉक’ भी कुछ ही घंटों में शून्य हो गया।
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लंबी कतारें: जिन पंपों पर स्टॉक बचा था, वहां सुबह से ही हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
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पंप बंद: शहर के अधिकांश प्रमुख पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए।
पंप संचालक की अपील: “सरकार के पास है पर्याप्त तेल”
खुटेही स्थित स्नेह पेट्रोल पंप के संचालक अमरेंद्र सिंह ने वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से धैर्य रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि:
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आपूर्ति जारी: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) लगातार पंपों तक टैंकर भेज रहा है। देर शाम तक शहर के लगभग सभी पंपों पर नई खेप पहुँचने की उम्मीद है।
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अफवाहों से बचें: भारत सरकार के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है। संकट तेल की कमी का नहीं, बल्कि अचानक बढ़ी ‘अत्यधिक मांग’ का है।
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सामान्य व्यवहार: यदि लोग पैनिक छोड़कर सामान्य दिनों की तरह ईंधन लेंगे, तो किसी भी वाहन के पहिए नहीं थमने पाएंगे।
अमरेंद्र सिंह, संचालक, स्नेह पेट्रोल पंप “लोग जरूरत से ज्यादा स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे व्यवस्था चरमरा गई है। पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है, देर शाम तक लोड आ जाएंगे। मेरी अपील है कि लोग टैंक फुल कराने के बजाय जरूरत भर का तेल लें ताकि सबको सुविधा मिल सके।”
प्रशासनिक निगरानी
शहर में बढ़ती भीड़ और विवाद की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। पेट्रोल पंपों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है, केवल लॉजिस्टिक्स और अचानक बढ़ी मांग के कारण यह अस्थाई समस्या आई है।











