Barwani Court Bomb Threat : बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अदालत को बम से उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल ने न केवल न्यायिक गलियारों में सनसनी फैला दी, बल्कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी घंटों मशक्कत करने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, गहन जांच के बाद यह धमकी महज एक ‘होक्स’ (अफवाह) साबित हुई।
दोपहर 12 बजे आया ‘मौत का संदेश’
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र कुमार जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय को दोपहर करीब 12 बजे एक ईमेल मिला। चौंकाने वाली बात यह थी कि यह ईमेल तमिल भाषा में लिखा गया था। इसमें दावा किया गया था कि न्यायालय परिसर में 15 जहरीले गैस बम रखे गए हैं, जिनमें ठीक 1 बजे विस्फोट हो जाएगा। समय की कमी को देखते हुए तत्काल एसपी बड़वानी को इसकी सूचना दी गई।
छावनी में तब्दील हुआ न्यायालय परिसर
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और बम स्क्वाड (BDDS) सक्रिय हो गए। सुरक्षा के लिहाज से पूरे न्यायालय परिसर को तुरंत खाली कराया गया। वकीलों, पक्षकारों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। घंटों चली सघन जांच के बाद सुरक्षा एजेंसियों को कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
त्योहारों के बीच शांति भंग करने की साजिश?
एसपी पद्म विलोचन शुक्ल ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसे संदेश समाज में भय और आतंक फैलाने के उद्देश्य से भेजे जाते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आगामी नवदुर्गा और ईद जैसे बड़े त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था (Law & Order) को प्रभावित करने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए यह साजिश रची गई हो सकती है।
साइबर सेल खंगाल रही ईमेल का आईपी एड्रेस
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बड़वानी पुलिस की साइबर टीम ईमेल के तकनीकी पहलुओं और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तमिल भाषा में भेजा गया यह मेल कहां से और किसने ओरिजिनेट किया था। एसपी ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को जल्द ही ट्रेस कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











