LPG संकट पर बोली मोदी सरकार- घबराएं नहीं लेकिन जनता तलाशे वैकल्पिक व्यवस्था

0
205

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को 20 दिन पूरे हो चुके हैं, और इसका असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखाई दे रहा है। होर्मूज स्ट्रेट से कच्चे तेल और गैस के सीमित जहाज गुजरने के कारण भारत समेत कई देशों में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। भारत में भी गैस की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सरकार ने बताया—स्थिति अभी भी गंभीर

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कहा है कि एलपीजी की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। हालांकि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि आम उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बनी रहे और किसी तरह की बड़ी दिक्कत न हो।

घरेलू सप्लाई जारी, घबराने की जरूरत नहीं

सरकार का दावा है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक 100% एलपीजी पहुंचाई जा रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आई है, लेकिन लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

एलपीजी की कमी के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। देशभर में 4500 से ज्यादा छापेमारी की जा चुकी है, ताकि गैस की आपूर्ति सही तरीके से आम लोगों तक पहुंचे और कोई इसका गलत फायदा न उठा सके।

Read More : इंदौर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित, 52 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी, पार्षद प्रत्याशियों को नहीं मिला स्थान

उत्पादन बढ़ाने पर जोर

सरकार घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। फिलहाल उत्पादन करीब 40% तक पहुंच चुका है, जिससे आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है।

खाड़ी में तनाव, भारत पर असर

खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच भारत के 22 जहाज और नाविक सुरक्षित बताए गए हैं, हालांकि वे फिलहाल वहीं रुके हुए हैं। भारत सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रही है।

भारतीयों की मौत से बढ़ी चिंता

इस संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। रियाद में हालिया हमले में एक भारतीय की मौत हुई है, जबकि अब तक कुल 6 भारतीयों की जान जा चुकी है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।

 सरकार की अपील

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें, वैकल्पिक ईंधन विकल्पों पर विचार करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here