Chhattisgarh NHM Employees Union : रायपुर। छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा अगस्त-सितंबर में की गई 33 दिनों की ऐतिहासिक हड़ताल के बाद, प्रशासन ने वार्षिक कार्यमूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग को स्वीकार कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के अनुमोदन के बाद अब कर्मचारियों को मूल्यांकन के विरुद्ध ‘अपील’ करने का अधिकार मिल गया है।
अपील प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति मिशन संचालक द्वारा जारी आदेश के बाद राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के उन कर्मचारियों ने अपील दायर की थी, जिन्हें कार्य सुधार के नोटिस दिए गए थे या जिनका मूल्यांकन संतोषजनक नहीं था। संघ के अनुसार:
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सकारात्मक पहलू: राज्य और जिला स्तर के अधिकांश लंबित प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण कर लिया गया है।
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चिंता का विषय: ब्लॉक स्तर पर कार्यरत लगभग 140 कर्मचारियों की अपीलें अभी भी प्रक्रिया में अटकी हुई हैं।
वेतन वृद्धि को लेकर गहरा असंतोष संघ ने प्रशासन के सामने एक गंभीर विसंगति उजागर की है। जिला स्तर के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं अपील के बाद बहाल तो कर दी गई हैं, लेकिन उन्हें अब तक वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) का लाभ नहीं दिया गया है। आर्थिक लाभ से वंचित होने के कारण कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें:
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त्वरित निराकरण: ब्लॉक स्तर के सभी 140 लंबित अपील प्रकरणों का पारदर्शी तरीके से शीघ्र निपटारा किया जाए।
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वेतन लाभ: जिन कर्मचारियों की सेवा वृद्धि बहाल हुई है, उन्हें बिना देरी के वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर सहित लाभ दिया जाए।
प्रशासन को चेतावनी छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वे शासन-प्रशासन के साथ निरंतर चर्चा में हैं। यदि लंबित मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो संघ भविष्य की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होगा। कर्मचारियों का कहना है कि जब सेवा बहाल हो चुकी है, तो वित्तीय लाभ रोकना न्यायसंगत नहीं है।










