Umrah Yatri Welcome : शाजापुर/गुलाना। वर्तमान समय में जहाँ दुनिया को शांति और आपसी सद्भाव की सख्त जरूरत है, वहीं शाजापुर जिले के गुलाना नगर से मानवता और भाईचारे की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। यहाँ उमराह की मुकद्दस यात्रा पर जाने वाले 10 जायरीनों (यात्रियों) के जत्थे को विदा करने के लिए पूरा नगर उमड़ पड़ा। इस विदाई समारोह की खास बात यह रही कि स्वागत करने वालों में मुस्लिम समाज के साथ-साथ बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भी शामिल थे, जो सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे थे।
फूल-मालाओं से इस्तकबाल और मंगलकामनाएं गुरुवार को जब गुलाना और आसपास के क्षेत्रों के यात्री रमजान के इस पवित्र महीने में 20 दिनों की यात्रा के लिए रवाना हुए, तो पूरा माहौल ‘अमन और एकता’ के रंग में रंगा नजर आया। हिंदू और मुस्लिम भाइयों ने कंधे से कंधा मिलाकर यात्रियों को पुष्पहार पहनाए, इत्र लगाया और मिठाई खिलाकर उनकी सफल यात्रा की कामना की। विदाई के इस मंजर ने उपस्थित हर व्यक्ति की आंखों में खुशी और अपनेपन के आंसू ला दिए।
वतन की खुशहाली के लिए मांगी दुआ विदाई के उस भावुक पल में नगरवासियों ने यात्रियों से एक विशेष गुजारिश की। स्थानीय लोगों ने कहा, “आप बहुत खुशनसीब हैं जिन्हें खुदा ने अपने दर पर बुलाया है। वहाँ पहुँचकर हमारे देश की तरक्की, आपसी भाईचारे, अमन और शांति के लिए विशेष दुआ करना। हम सब इसी तरह मिल-जुलकर रहें, यही हमारे गुलाना और हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है।”
एकता का संदेश देता गुलाना नगर इस हृदयस्पर्शी आयोजन ने यह साबित कर दिया कि भले ही इबादत के तरीके अलग हों, लेकिन इंसानियत और दुआएं एक ही होती हैं। उपस्थित जनों ने कहा कि ऐसे अवसर दिलों को जोड़ने का काम करते हैं और समाज में नफरत के लिए कोई जगह नहीं छोड़ते। यात्रियों ने भी सभी का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि वे पवित्र भूमि पर जाकर पूरे वतन की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ मांगेंगे।











