CRPF 131 Battalion : कृष्णा नायक सुकमा/सुकमा। कभी नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाने वाला चिंतागुफा थाना क्षेत्र का मिनपा गांव अब विकास और सुरक्षा की मुख्यधारा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सीआरपीएफ की 131 बटालियन द्वारा मिनपा में आयोजित ‘सिविक एक्शन प्रोग्राम’ के दौरान सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच आत्मीयता का एक नया अध्याय देखने को मिला।
स्वास्थ्य शिविर और सामग्री वितरण 131 बटालियन के कमांडेंट दीपक कुमार साहू की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में रेन्गापारा, पटेलपारा, जूपारा और ताड़मेटला के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान सहायक कमांडेंट संजय कुमार और उनकी टीम ने ग्रामीणों को उनकी दैनिक जरूरतों का सामान वितरित किया। वहीं, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित मीणा ने एक विशेष मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टर ने मलेरिया से बचाव और समय पर इलाज कराने के महत्व को समझाया, साथ ही महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को आवश्यक दवाइयां वितरित कीं। कार्यक्रम में शामिल हुए सभी ग्रामीणों के लिए भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा बलों के प्रति बदला ग्रामीणों का नजरिया मिनपा और आसपास का क्षेत्र कभी माओवादियों की गतिविधियों का केंद्र था, जहां आम लोगों का आना-जाना भी दूभर था। लेकिन, जब से यहाँ सीआरपीएफ का कैंप स्थापित हुआ है, सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ लगातार बैठकें कर उन्हें विकास और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।
अधिकारियों का कहना है कि कैंप की स्थापना का उद्देश्य केवल नक्सल विरोधी ऑपरेशन नहीं, बल्कि इन सुदूर इलाकों में सरकारी योजनाओं को पहुंचाना और ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधारना है। सीआरपीएफ के इस प्रयास से अब सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच एक बेहतर और भरोसेमंद संबंध स्थापित हो गया है।
जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रसार सिविक एक्शन प्रोग्राम के दौरान सीआरपीएफ जवानों ने ग्रामीणों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाएं ताकि गांव का सर्वांगीण विकास हो सके। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कैंप के बाद से उनके क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बढ़ा है और उन्हें अब मूलभूत सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।











