Bastar Journalists Protest : दंतेवाड़ा ‘गीदम विवाद’: एकतरफा कार्रवाई के विरोध में बस्तर के पत्रकारों का मौन धरना, न्यायिक जांच की मांग

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Bastar Journalists Protest : कृष्णा नायक सुकमा/सुकमा। गीदम थाना क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद उपजे विवाद और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से बस्तर संभाग के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई और पत्रकार रौनक शिवहरे की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को पूरे बस्तर संभाग के सातों जिलों में पत्रकारों ने मौन धरना दिया। सुकमा में भी पत्रकारों ने एकजुट होकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है।

सड़क हादसे से शुरू हुआ विवाद, एट्रोसिटी एक्ट तक पहुंचा विवाद की शुरुआत गीदम क्षेत्र में हुई एक छोटी सी सड़क घटना से हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ग्रामीण अनियंत्रित ट्रैक्टर चलाता हुआ दिखा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी थी। इसके बाद ट्रैक्टर चालक और अन्य लोगों के बीच मारपीट का एक और वीडियो वायरल हुआ। इस मामले में पुलिस ने पत्रकार रौनक शिवहरे और उनके परिजनों के खिलाफ मारपीट और एट्रोसिटी एक्ट (SC/ST एक्ट) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।

पत्रकारों का आरोप: पुलिस की कार्रवाई दबाव में पत्रकारों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई जल्दबाजी में और दबाव में की गई है। दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ के आह्वान पर आयोजित मौन धरने में वक्ताओं ने कहा कि एक मामूली सड़क विवाद को जानबूझकर गंभीर रूप देकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन पुलिस का एकतरफा रवैया और बिना गहराई से जांच किए पत्रकार को जेल भेजना न्यायसंगत नहीं है।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग सुकमा जिला मुख्यालय में बड़ी संख्या में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। धरना प्रदर्शन के पश्चात पत्रकारों ने कलेक्टर अमित कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि:

  • पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराई जाए।

  • पुलिस की कार्रवाई की फिर से समीक्षा हो ताकि सच्चाई सामने आ सके।

  • बस्तर में सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी धरने में कोंटा, दोरनापाल, छिंदगढ़, कुकानार और तोंगपाल सहित जिले के सभी ब्लॉकों के पत्रकारों ने भाग लिया। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच होकर न्याय नहीं मिलता, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

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