Chhattisgarh Employee Federation : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ के शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन’ के आह्वान पर आगामी 18 मार्च को प्रदेश भर के ब्लॉक और जिला मुख्यालयों में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी अपने भोजन अवकाश के समय इकट्ठा होकर 10 सूत्रीय मांगों का एक संयुक्त ज्ञापन शासन को सौंपेंगे। घरघोड़ा फेडरेशन के संयोजक संतोष पाण्डेय ने बताया कि रायगढ़ जिले के सभी विकासखंडों में फेडरेशन के बैनर तले सभी शासकीय संघ एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाएंगे।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 32 वर्ष) लागू करना, अर्जित अवकाश नगदीकरण को 300 दिवस करना और वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए ‘पिंगुआ कमेटी’ की रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल है। इसके अलावा, सहायक शिक्षकों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
आंदोलन के दौरान अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। फेडरेशन ने मांग की है कि 10 प्रतिशत की सीलिंग को समाप्त कर सीधी भर्ती के सभी पदों पर बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। साथ ही, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन देने और प्रदेश के सभी विभागों में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने आधार बेस्ड अटेंडेंस और सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति को बंद करने की भी पुरजोर वकालत की है।
विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित न होने के कारण कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए, फेडरेशन ने सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग रखी है। वहीं, प्रदेश में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, अनियमित और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर भी फेडरेशन ने सरकार से स्पष्ट नीति बनाने को कहा है। रायगढ़ जिले के समस्त विकासखंडों से जिला संयोजक आशीष रंगारी के नेतृत्व में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और शक्ति प्रदर्शन करेंगे।
आंदोलन की तैयारी को लेकर रायगढ़ जिले के सभी विकासखंडों में बैठकों का दौर जारी है। खरसिया, लैलूंगा, धर्मजयगढ़ और तमनार सहित अन्य क्षेत्रों के कर्मचारी नेताओं ने इस प्रदर्शन में अपनी पूरी ताकत झोंकने की बात कही है। फेडरेशन के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि 18 मार्च के इस प्रदर्शन के बाद भी सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।











