Head Constable Ravindra Bharti : अंबिकापुर में सरकारी जमीन पर कब्जा: शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

VIKASH KHALKHO

Head Constable Ravindra Bharti : अम्बिकापुर (06 मार्च 2026): सरगुजा संभाग में एक प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती का मामला सुर्खियों में है। एक तरफ उन पर विभागीय नियमों को ताक पर रखकर महीनों से ड्यूटी से नदारद रहने का आरोप है, तो दूसरी तरफ उन पर ग्राम पंचायत अजीरमा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने का गंभीर इल्जाम लगा है। ड्यूटी से गायब रहने के कारण विभाग पहले ही उनका वेतन रोक चुका है, वहीं अब जमीन पर कब्जे की शिकायत ने मामले को और तूल दे दिया है।

ट्रांसफर के बाद भी ‘स्पेशल अटैचमेंट’ सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती का तबादला हाल ही में एमसीबी जिले में किया गया था, लेकिन अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए उन्होंने खुद को सूरजपुर पुलिस लाइन में अटैच करा लिया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि लाइन अटैच होने के बावजूद वे पिछले एक महीने से अधिक समय से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। इस लापरवाही के चलते विभाग ने उनका वेतन भी रोक दिया है, जो पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप ड्यूटी से नदारद रहने के साथ-साथ अब रविन्द्र भारती पर ग्राम पंचायत अजीरमा के खसरा नंबर 74/1 स्थित लगभग दो एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य करने का आरोप है। स्थानीय निवासी जितेन्द्र कुमार जायसवाल ने कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि रविन्द्र भारती अपने पद का रौब दिखाकर सरकारी जमीन को हड़प रहे हैं।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने आवेदन में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया है कि आरोपी ग्राम अजीरमा का निवासी भी नहीं है, फिर भी वहां निर्माण कार्य जारी है। शिकायत में प्रशासन से तत्काल स्थल जांच करने, अतिक्रमण हटाने और सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करने वाले इस कर्मचारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

विभाग की छवि पर असर स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि वर्दीधारी कर्मचारी द्वारा इस प्रकार के कृत्य करना पूरी पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुँचाता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराता है या नहीं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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