CMHO suspended: रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ द्वारा महिला कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान एवं कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण से संबंधित गंभीर विषय को शासन एवं प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया था। इस संबंध में संघ द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए एकदिवसीय धरना भी आयोजित किया गया था।
CMHO suspended: संघ द्वारा मांग की गई थी कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए तथा महिला कर्मचारियों के सम्मान एवं सुरक्षित कार्य वातावरण को सुनिश्चित किया जाए।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 15 सितम्बर 2026 को जारी आदेश के अनुसार डॉ. अमृतलाल रोहलेंडर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बेमेतरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
शासन के आदेश के अनुसार, संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रति अशोभनीय एवं अमर्यादित टिप्पणी करने तथा अनुचित स्पर्श किए जाने संबंधी आरोपों की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कथन दर्ज किए गए तथा जांच प्रतिवेदन के आधार पर शासन द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

CMHO suspended: आदेश में यह भी उल्लेखित है कि संबंधित अधिकारी द्वारा किया गया कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन तथा गंभीर कदाचरण की श्रेणी में परिलक्षित होता है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी ने कहा कि शासन द्वारा की गई इस कार्रवाई का स्वागत किया एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी का आभार व्यक्त किया और कहा संघ का मानना है कि कार्यस्थल पर प्रत्येक कर्मचारी, विशेषकर महिला कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना संस्थागत जिम्मेदारी है।
CMHO suspended: संघ यह स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार एवं सुरक्षित कार्य वातावरण की रक्षा करना तथा किसी भी शिकायत पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। संघ शासन से अपेक्षा करता है कि इस प्रकरण में आगे की समस्त प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमानुसार संपादित की जाएगी .







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