iran news : नई दिल्ली: ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट की स्थिति के बावजूद सोशल मीडिया पर वहां के हालात से जुड़े वीडियो और तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब देशभर में इंटरनेट सेवा बाधित है तो ये सामग्री बाहर कैसे पहुंच रही है।
iran news : इंटरनेट बंद होने के बावजूद कुछ तकनीकी और वैकल्पिक तरीकों के जरिए सूचनाएं बाहर भेजी जा रही हैं। इनमें सैटेलाइट इंटरनेट, प्रॉक्सी नेटवर्क, फिजिकल डेटा ट्रांसफर और सिस्टम की आंतरिक कमजोरियों का उपयोग शामिल है।
iran news : सैटेलाइट इंटरनेट का उपयोग
iran news : रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलन मस्क की कंपनी का सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क Starlink कुछ स्थानों पर उपयोग में लाया जा रहा है। दावा किया जाता है कि कुछ सैटेलाइट टर्मिनल पड़ोसी देशों के रास्ते ईरान पहुंचाए गए, जिनकी मदद से सीमित स्तर पर इंटरनेट एक्सेस संभव हुआ।
iran news : प्रॉक्सी और सेंसरशिप बाईपास टूल
iran news : कई एक्टिविस्ट इंटरनेट सेंसरशिप से बचने के लिए विशेष टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें Snowflake जैसे सिस्टम शामिल हैं, जो छोटे-छोटे ब्रिज कनेक्शन के जरिए प्रतिबंधित नेटवर्क से बाहर डेटा भेजने में मदद करते हैं। इस तरह की तकनीकें आमतौर पर सख्त निगरानी वाले देशों में उपयोग की जाती हैं।
iran news : फिजिकल डेटा ट्रांसफर
iran news : कुछ मामलों में वीडियो और फोटो पहले पेन ड्राइव या अन्य स्टोरेज डिवाइस में सेव किए जाते हैं। इसके बाद इन्हें देश से बाहर भेजकर या ऐसे स्थान पर ले जाकर अपलोड किया जाता है, जहां इंटरनेट उपलब्ध हो। यह तरीका धीमा जरूर है, लेकिन पूरी तरह ब्लैकआउट की स्थिति में प्रभावी साबित होता है।
iran news : सिस्टम में सीमित एक्सेस का इस्तेमाल
iran news : ईरान में इंटरनेट की विशेष अनुमति कुछ सरकारी और संस्थागत लोगों के पास रहती है। ऐसे में अंदरूनी नेटवर्क या सिस्टम की कमजोरियों का उपयोग कर सूचनाएं बाहर भेजे जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
iran news : कुल मिलाकर, पूर्ण इंटरनेट प्रतिबंध के बावजूद तकनीक और वैकल्पिक रास्तों के जरिए सूचनाओं का प्रवाह पूरी तरह नहीं रुक पाता। यही वजह है कि ब्लैकआउट के बीच भी ईरान से जुड़े वीडियो और रिपोर्ट्स वैश्विक प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे रहे हैं।











